योगी कैबिनेट में चार लिंक एक्सप्रेसवे समेत 22 प्रस्तावों पर लगी मुहर

यूपी कैबिनेट
मंत्रीमंडल के साथ कैबिनेट बैठक करते सीएम योगी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें चार लिंक एक्सप्रेसवे, शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, साइबर सुरक्षा और औद्योगिक विकास से समेत 22 प्रस्तावों सहमति को मंजूरी मिली है।

योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बताया कि मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर फैसला लिया गया है। यूपीडा के प्रस्ताव को कैबिनेट ने ईपीसी मोड पर मंजूरी दे दी है। यूपी सरकार चार नए लिंक एक्सप्रेस -वे को बनाने के लिए लगभग 17,542 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सरकार इन चारों प्रोजेक्ट्स को अगले तीन साल के अंदर पूरा करना चाहती है, इसके लिए तेजी से निर्माण कार्य किया जाएगा। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं।

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वहीं कैबिनेट ने मैनपुरी में सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।

रोबोटिक्स को बढ़ावा

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए IIT कानपुर के C3iHub के माध्यम से काम किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव भी पास किया गया।

औद्योगिक विकास पर जोर

बैठक में एफडीआइ और वैश्विक कंपनियों के निवेश से संबंधित इम्पावर्ड कमेटी के फैसलों पर मुहर लगाई गई। उत्तर प्रदेश GCC नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। इसके अलावा लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में विकसित होने वाले पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दी गई।

हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास

कैबिनेट प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने के प्रस्ताव को वित्तीय मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रयागराज में ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।

डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी का प्रावधान

वहीं उत्तर प्रदेश में कंपनियों के मर्जर और विभाजन (डी-मर्जर) की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्टांप ड्यूटी से जुड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है। स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि अभी तक प्रदेश में कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर के लिए स्टांप ड्यूटी का स्पष्ट प्रावधान नहीं था। इसके कारण उद्यमियों को प्रक्रिया के दौरान भ्रम और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। प्रस्ताव के तहत कंपनी के मर्जर या डी-मर्जर में शेयर वैल्यू पर 0.50 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने का प्रावधान किया गया है। यदि संबंधित मामले में संपत्ति शामिल है, तो उस पर दो फीसदी स्टांप ड्यूटी का प्रस्ताव है। कंपनी का पंजीकरण कराने और कंपनी रजिस्ट्रार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेयर वैल्यू के आधार पर स्टांप ड्यूटी देनी होगी।

यात्रियों-नाविकों को बीमा कवर

वहीं यूपी कैबिनेट में उत्तर प्रदेश में जल परिवहन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नावों और पानी के जहाजों के पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि अब तक मोटर से चलने वाले जहाजों और नावों के संचालन को लेकर स्पष्ट नियमावली नहीं थी। नई व्यवस्था के तहत यांत्रिक और गैर-यांत्रिक दोनों तरह की नावों का पंजीकरण किया जाएगा।

बनेगी इनलैंड वाटर अथॉरिटी

मंत्री के मुताबिक, जल परिवहन के संचालन और निगरानी के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी बनाई जाएगी। इसके अध्यक्ष परिवहन मंत्री होंगे। उन्होंने बताया कि इंजन से चलने वाले बड़े जहाज यांत्रिक श्रेणी में आएंगे, जबकि गांवों में इस्तेमाल होने वाली मोटर चालित छोटी नावों के लिए अलग श्रेणी निर्धारित की जाएगी।

अन्य प्रमुख फैसले

कैबिनेट ने झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के प्रख्यापन और राज्य पशुधन मिशन से जुड़े प्रस्ताव भी पास किए गए। इसके अलावा लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज तथा पेयजल से संबंधित सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्तावों को मंजूरी देने की तैयारी की गई। सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास को गति देना है।

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