आरयू वेब टीम। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार प्रदूषण के चलते कंस्ट्रक्शन का काम बंद होने से प्रभावित मजदूरों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये देगी। इसका ऐलान खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को किया। सीएम ने कहा कि इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार अपने स्तर पर कदम उठा रही है।
केजरीवाल ने कहा कि कंस्ट्रक्शन के काम बंद होने पर सभी मजदूरों के खाते में पांच-पांच हजार रुपए दिए जा रहे हैं। कई निर्माण स्थल ऐसे हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है तो वहां कैंप लगा कर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
उच्चतम न्यायालय ने खराब होती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्माण गतिविधियों पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है। न्यायालय ने राज्यों को निर्देश दिया कि निर्माण गतिविधियों पर रोक रहने की अवधि के दौरान वे श्रमिकों को श्रम उपकर के तौर पर एकत्रित धनराशि में से गुजारा भत्ता दें।
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प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की विशेष पीठ का अंतरिम आदेश बुधवार रात को अपलोड किया गया। इसमें पीठ ने एनसीआर और इर्दगिर्द के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन दी एनसीआर एंड एड्जॉइनिंग एरियाज) को निर्देश दिया कि वह वायु प्रदूषण के रिकॉर्ड किए गए स्तरों पर पिछले वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर वायु गुणवत्ता का एक वैज्ञानिक अध्ययन करे।
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शीर्ष न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर तय करते हुए इस बीच केंद्र सरकार, दिल्ली-एनसीआर राज्यों और आयोग को हालात से निबटने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया। पीठ ने बुधवार को पूछा कि आखिर दिल्लीवासी बहुत खराब वायु गुणवत्ता का नुकसान क्यों उठाएं। उसने कहा कि हालात बेहद गंभीर होने से पहले ही एहतियाती कदम उठाए जाएं। यह आदेश आदित्य दुबे नाम के व्यक्ति की याचिका पर दिया गया जिसमें दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई थी।




















