आरयू ब्यूरो, लखनऊ। बाराबंकी के रामस्वरूप विश्वविद्यालय लाठीचार्ज कांड के बाद सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों पर सख्त रुख अपना लिया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि अब किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को भारत सरकार के ‘समर्थ पोर्टल’ से जोड़ा जा चुका है।
इस पोर्टल से विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सीएम योगी के आदेश पर एक विशेष समिति बनाई गई है। इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति हर निजी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय से शपथ पत्र लेगी।
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संस्थानों को बताना होगा कि वे कौन-कौन से कोर्स चला रहे हैं, इन कोर्स की मान्यता की स्थिति क्या है और प्रत्येक कोर्स में कितने छात्रों का प्रवेश हुआ है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित संस्थान पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं अवैध प्रवेश पाए जाने पर छात्रों की पूरी फीस ब्याज सहित वापस करनी होगी।
सरकार अब एक नया पोर्टल विकसित करने जा रही है, जो सभी निजी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को जोड़ेगा। ये पोर्टल केंद्र सरकार के ‘समर्थ पोर्टल’ की तर्ज पर काम करेगा और संस्थानों पर निगरानी आसान बनाएगा।












