आरयू ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के कद्दवर नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में जेल में हैं। इस बीच मंगलवार को आजम खान से जुड़े एक चर्चित बलपूर्वक बेदखली प्रकरण से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जहां अदालत ने उन्हें मिली अंतरिम राहत को फिलहाल जारी रखते हुए अगली तारीख तक बढ़ा दिया है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने मामले में सुनवाई करते हुए आजम खान, सह- आरोपित वीरेंद्र गोयल सहित सभी याचिकाकर्ताओं को मिली अंतरिम राहत को 24 मार्च तक बढ़ा दिया है। इससे पहले अदालत ट्रायल कोर्ट को इस मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने से अंतरिम रूप से रोक चुकी है। दरअसल आजम खान और उनके सहयोगी वीरेंद्र गोयल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिका में विशेष रूप से ट्रायल कोर्ट के जरिये अंतिम फैसला सुनाए जाने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने 30 मई 2025 को ट्रायल कोर्ट के जरिये दिए गए उस आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था। हाई कोर्ट में दायर याचिका में दोनों ने अपील की है कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को निरस्त किया जाए और मामले की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित की जाए।
ये पूरा मामला साल 2016 के चर्चित बलपूर्वक बेदखली प्रकरण से जुड़ा हुआ है। जहां 15 अक्टूबर 2016 को रामपुर स्थित यतीम खाना, वक्फ संख्या 157 नाम की वक्फ संपत्ति पर अनधिकृत ढांचे को हटाने के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इसी कार्रवाई को यूपी में योगी सरकार बनने के बाद विवाद खड़ा हुआ और साल 2019 में रामपुर की कोतवाली में इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से ये मामला लगातार न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है और अलग-अलग स्तरों पर सुनवाई होती रही है।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में यह भी कहा गया है कि जब तक मामले के मुख्य गवाहों की दोबारा गवाही नहीं कराई जाती और घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बनाया जाता, तब तक निष्पक्ष सुनवाई मुमकिन नहीं है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की दोबारा जांच के बिना ट्रायल कोर्ट के जरिये आखिरी फैसला देना न्याय के सिद्धांतों के मुताबिक नहीं होगा।
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इस मामले में हाईकोर्ट सह-आरोपित मोहम्मद इस्लाम उर्फ इस्लाम ठेकेदार, शाहिद प्रधान और आले हसन खान की ओर से दाखिल याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई कर रहा है। अदालत ने सभी संबंधित याचिकाओं को आपस में कनेक्ट करते हुए संयुक्त रूप से सुनवाई करने का आदेश दिया है, ताकि मामले के सभी पहलुओं पर एक साथ विचार किया जा सके। अदालत ने अंतरिम राहत को जारी रखते हुए अगली सुनवाई निर्धारित तारीख पर करने का निर्देश दिया है, जहां मामले से जुड़े अलग-अलग कानूनी मुद्दों और पक्षकारों के तर्कों पर आगे सुनवाई होगी।




















