आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को न सिर्फ भाजपा सरकार को निशाने पर लिया, बल्कि एक बड़ा दावा भी किया। सपा मुखिया ने कहा कि जब बसपा के साथ गठबंधन हुआ था, तो हम मायावती को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। जब ‘इंडिया’ गठबंधन बना तो हम नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें सीएम से रिटायर होने का मौका भी नहीं दिया। अब वह राज्यसभा से रिटायर होंगे।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में सपा मुख्यालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी की सिंगापुर और जापान यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि हमारे या आपके यहां जब कोई कार्यक्रम होता है, तो विदाई के बाद घूमने का प्लान बनाते हैं। लेकिन, ये पहले मुख्यमंत्री हैं, जो पहले ही विदेश चले गए। साथ ही चुटकी लेते हुए कहा कि योगी जब ट्रेन में थे, स्पीड बढ़ी, 500 किमी तक हुई तो ताली बजाने लगे। उस खुशी में भूल गए कि उंगली कौन-सी दिखानी है? क्योटो देखने भी नहीं गए। जो झगड़ा यहां पर है, वो वहां भी दिखाई दिया।
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साथ ही सपा सुप्रीमो ने कहा है कि भाजपा सरकार माफियाओं की सरकार है। यह सबसे अराजक और इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार है। भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण महंगाई चरम पर पहुंच गई है। यह सरकार टैक्स लगाकर मंहगाई बढ़ाती जा रही है। आज ही एलपीजी गैस के दाम 60 रूपये बढ़ गये है। जब किसी चीज की मंहगाई एक बार बढ़ जाती है तो वह कम नहीं होती है।
झूठा है चुनाव आयोग
इस दौरान एसआइआर का जिक्र कर अखिलेश यादव ने कहा चुनाव आयोग झूठा है। उनसे ये पूछिए नंदलाल के वोट बनवाने वाले या उनका दस्तखत करने वाला कौन था? टाइप फॉर्म कहां से आए? सपा ने शोर नहीं मचवाया होता तो इनकी बड़ी तैयारी थी वोट कटवाने की। लखनऊ के सरोजनीगर में एक ही नाम से कितने वोट कटने जा रहे थे। बिधुना में सपा के अध्यक्ष की फर्जी साइन से फॉर्म भरे जा रहे थे। भाजपा और चुनाव आयोग की सांठगांठ है।
शंकराचार्य सनातन की संस्था
इतना ही नहीं अखिलेश ने कहा शंकराचार्य विचार हैं। गाय की सेवा हो, ये हम सब चाहते हैं। जिस तरह से उन्हें बदनाम करने के आरोप लगाए हैं, ये सनातन को बदनाम करना चाहते हैं। शंकराचार्य सनातन की संस्था हैं। शंकराचार्य को बदनाम करने के आरोप लगाए गए।
सरकार होली मनाती रही गरीब की चली गई जान
अखिलेश ने कहा कि जनता दर्शन में एक व्यक्ति इंतजार करते-करते मर गया। किसी तक बात नहीं पहुंची। जान इसलिए गई, क्योंकि त्योहार था। सरकार होली मनाती रही, गरीब की जान चली गई। वहीं योगी की बैठकों पर कहा ये जो बैठकें हो रही हैं। पहले दिल्ली के पास और फिर कानपुर में। ये विधायकों के टिकट काटने के लिए हो रहीं, क्योंकि जिसके टिकट काटना चाहते हैं, उनके काट नहीं पाते।
तस्करों से मिले हुए पुलिसवाले
वहीं हमला जारी रखते हुए सपा मुखिया ने कहा कानपुर से खबर आई है कि पुलिसवालों का कॉल डिटेल निकला है। साथ ही आरोप लगाया कि पुलिसवाले ही तस्करों से मिले निकले हैं। गांजा, अफीम और नशे का कारोबार चला रहे थे। तस्करों के कॉल रिकॉर्ड क्यों नहीं निकाले? आए दिन गांजा पकड़ा जा रहा है, लेकिन ये आखिर जा कहां रहा? नौ साल से पकड़ा जा रहा है।




















