आरयू ब्यूरो, लखनऊ। कोरोना वायरस से जंग में अब प्रदेश के डिग्री कॉलेजों से लेकर बेसिक टीचरों तक सभी को कोरोना वॉरियर्स बनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सभी को ट्रेनिंग दी जाए। योगी सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश अवस्थी ने कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर के लोग सभी को ट्रेनिंग देंगे।
साथ ही सीएम ने कहा है कि डिग्री व इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाए। इससे ये लोग आमजन को जागरूक कर सकेंगे। उन्होंने प्रधानाचार्यों समेत बेसिक, माध्यमिक, उच्च व तकनीकी शिक्षा से जुड़े लोगों को भी प्रशिक्षित किये जाने पर बल दिया है।
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अवनीश अवस्थी ने कहा कि इसके लिए हर जिले में मास्टर ट्रेनर्स की तैनाती की जाएगी। इस दौरान एक ऐप भी तैयार किया जाएगा, जिससे इन्हें नियमों का पालन करने में आसानी होगी। अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस आपदा से निपटने के लिए गठित टीम-11 के साथ दैनिक बैठक करते हुए प्रदेश में आपदा की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ोत्तरी को आवश्यक बताते हुए जनसुविधाओं का समुचित ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया है।
15 से 20 हजार क्षमता वाले क्वारेंटाइन सेंटर बनाने के आदेश
वहीं प्रधानमंत्री से बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में एक मई से खाद्यान्न का पुनः वितरण होगा। सीएम का आदेश है कि प्रदेश में एल1, एल2, एल3 कोविड अस्पतालों की क्षमता बढ़ाई जाए। पीपीई किट, मास्क आदि जिलों में पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा अवनीश अवस्थी ने बताया कि जनपदों में 15 से 20000 क्षमता वाले क्वारेंटाइन सेंटर बनाने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा से अब तक 328 बसों से 9992 मजदूर यूपी लाये गये हैं। इनका मेडिकल टेस्ट हो चुका है। इन्हें 349 बसों से गृह जनपद भेजा जा रहा है। सभी हरियाणा से आये हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक कुल 12,200 श्रमिक वापस आए हैं।
प्रयागराज में फंसे छात्र-छात्राओं को भेजा जाएगा उनके गृह जनपद
इस दौरान अवनीश अवस्थी ने कहा कि प्रयागराज में प्रदेश के दूसरे जिलों से आए छात्र-छात्राएं, जो लगभग नौ से दस हजार हैं, इन्हें 300 बसें लगाकर इन्हें गृह जनपद पहुंचाने का आदेश हुआ है। डीएम और एसएसपी को आदेश जारी हो गए हैं। चरणबद्ध तरीके से भेजा जाएगा। जो भी बसें प्रयागराज से भेजी जाएंगीं। ये प्रयागराज में तीन स्थानों से चलेंगीं। पहले चरण में ये 300 बसें, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर और चित्रकूट छात्र-छात्राओं को लेकर जाएंगीं। वहीं दूसरे चरण में प्रदेश के दूसरे जिलों जाएंगीं, यदि वहां कोई अन्य प्रदेश के छात्र होंगे तो उन्हें भी अनुमति मिल जाएगी। इस दौरान मीडिया के माध्यम से अपील करते हुए अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा कि सभी से निवेदन है कि जल्दीबाजी न करें, दो दिन में ये व्यवस्था हो जाएगी।
बढ़ने न दिया जाए मेडिकल इंफेक्शन
वहीं अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आज आगरा, लखनऊ, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, वाराणसी और गाजियाबाद में लॉकडाउन की समीक्षा की और नोडल अफसरों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा है कि मेडिकल इंफेक्शन बढ़ने न दिया जाए। हॉटस्पॉट में होम डिलेवरी की सुरक्षा मजबूत रहे। सीएम ने कहा कि हमारे प्रदेश में दूसरे प्रदेशों की तुलना में मृत्यु दर और कोरोना वृद्धि दर काफी कम है, जबकि आबादी हमारे यहां सबसे ज्यादा है।


















