आरयू ब्यूरो, लखनऊ। राजधानी के सबसे संवेदनशील एरिया गौतमपल्ली में पर्यटन मंत्री के आवास से चंद कदम दूर मथुरा से आए मां-बेटे ने दबंगों से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। जहरीला पदार्थ खाने के बाद मां-बेटे बीडी तिराहे के पास सड़क पर बेहोश होकर गिर गए और हालत बिगड़ने लगी तो लोगों ने इसकी सूचना गौतमपल्ली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुलिस ने मां-बेटे को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मां की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ में पर्यटन मंत्री के आवास के पास बुधवार दिन में 11:30 बजे मां-बेटे ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। वे सड़क पर गिर गए। हालत बिगड़ने लगी तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया। बेटे को भर्ती कर लिया गया, लेकिन मां की हालत लगातार बिगड़ रही थी, इसलिए उन्हें केजीएमयू रेफर किया गया। वहीं बेटे के जेब से मिले लेटर में आत्महत्या का कारण बताते हुए कहा कि मंत्री लक्ष्मी नारायण के बिजनेस पार्टनर ने हमारा घर छीन लिया है, जिसके कारण ये कदम उठाना पड़ा।
गौतमपल्ली पुलिस के मुताबिक, मथुरा के बरसाना में स्थित राधा रानी टाउनशिप में रहने वाले मुनेश सिंह (56) और बलजीत सिंह (38) राधा रानी टाउनशिप में रहते हैं। मां-बेटे की शिकायत थी कि किसी ने इनके प्लॉट पर कब्जा कर लिया है। शिकायत पर पुलिस द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है, जिससे आहत होकर यह इसकी शिकायत करने के लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। दोनों के पास एक बैग मिला है जिसमें विषाक्त के दो पाउच और एक मोबाइल फोन था।
वहीं बलजीत की जेब में एक एप्लीकेशन मिली। इसमें लिखा है- मथुरा के भूमाफिया जयप्रकाश त्यागी, नरेश त्यागी, पुष्पेंद्र त्यागी, हरि नारायण राय और अभय शर्मा ने उन्हें लूट लिया है। इन लोगों से एक प्लॉट 15 लाख और एक मकान 28 लाख रुपए में खरीदा था। दो साल हो गए, लेकिन मकान की रजिस्ट्री नहीं कराई। बाद में घर से बाहर निकाल दिया। वहीं, प्लॉट पर भी कब्जा नहीं दिया।
मुख्यमंत्री के जनता दरबार में की शिकायत, तो घर से निकाला
इनके खिलाफ जब कोर्ट से मुकदमा दायर करवाया तो ये लोग दबंगई करने लगे। हर अधिकारी के पास शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऊपर से ये लोग कहते हैं कुछ नहीं कर पाओगे। उत्तर प्रदेश शासन में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी हमारे बिजनेस पार्टनर हैं। सीएम के जनता दरबार में शिकायत की तो हमें घर से भी निकाल दिया।
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दो पेज की एप्लिकेशन में लिखा है- जब हमने चारों भू-माफिया के खिलाफ भाजपा और मुख्यमंत्री जनता दरबार में शिकायत की तो इन लोगों ने हमारे साथ मारपीट की। मेरी मां के कपड़े फाड़ दिए। उसके बाद जो मकान हमें बेचा उसी मकान से हमें निकालकर हमारे सारे सामान को बाहर फेंक दिया। ब वहां ताला लगा दिया है। हमें धमकी दी है कि अगर हम दोबारा उस मकान की तरफ गए तो हमें जान से मार देंगे। हमारे जीवनभर की कमाई इन लोगों ने लूट ली। हमारी बेइज्जती भी थी। हमारे पास आत्महत्या करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। इसीलिए हम मुख्यमंत्री जी के यहां सल्फास खाकर आत्महत्या कर रहे हैं। हमारी मौत के जिम्मेदार हरि नारायण, जय प्रकाश त्यागी, नरेश त्यागी, पुष्पेंद्र त्यागी और अभय शर्मा होंगे।




















