आरयू वेब टीम। दिल्ली दंगों के आरोपित उमर खालिद को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने खालिद को तीन दिनों जमानत दी है। अदालत ने उमर खालिद को एक जून से तीन जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी है, ताकि वह अपनी बीमार मां की सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल कर सकें और अपने मामा के ‘चेहलुम’ की रस्म में शामिल हो सकें। खालिद यूएपीए केस में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। दिल्ली की एक अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद खालिद ने हाई कोर्ट का रुख किया था।
उमर खालिद ने अपने दिवंगत मामा के चेहलुम में शामिल होने और बीमार मां की देखभाल के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी है। इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अंतरिम जमानत के लिए दिए गए कारण उचित और संतोषजनक नहीं हैं। दरअसल उमर खालिद ने निचली अदालत में दलील दी थी कि उनके परिवार में पिता, मां और पांच बहनें हैं, लेकिन 71 वर्षीय पिता मां की देखभाल करने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने कहा था कि उनकी चार बहनें शादीशुदा हैं और अलग-अलग जगहों पर रहती हैं। ऐसे में परिवार के सबसे बड़े और इकलौते बेटे होने के नाते वही अपनी मां की सर्जरी से पहले और बाद में देखभाल कर सकते हैं। याचिका में ये भी कहा गया था कि उमर खालिद को पहले भी कई बार अंतरिम जमानत मिल चुकी है।
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उन्होंने हर बार अदालत की सभी शर्तों का पालन करते हुए समय पर सरेंडर किया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी थी कि सह-आरोपित तस्लीम अहमद, शिफा उर रहमान और अथर खान को भी पारिवारिक बीमारी जैसे आधारों पर अंतरिम जमानत मिली, इसलिए समानता के आधार पर उमर खालिद को भी राहत मिलनी चाहिए।




















