प्राचार्य प्रतिदिन लगाएं मेडिकल कॉलेज का राउंड, डिप्टी सीएम ने दिए निर्देश

प्राइवेट प्रैक्टिस
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संस्थानों के प्राचार्य व निदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर दिन स्वयं अस्पताल का राउंड लें और उस दौरान की तस्वीरें भेजें। किसी भी तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की संतुष्टि पर पड़ेगा।

उप मुख्‍यमंत्री के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने यह आदेश जारी किए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि यदि कोई प्राचार्य या निदेशक किसी दिन राउंड नहीं ले पाते हैं तो उनके स्थान पर उप प्राचार्य व सीएमएस राउंड लेंगे। राउंड के वक्त सुरक्षाधिकारी व सफाई सुपर वाइजर भी साथ रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की कमी मिलने पर उसका तत्काल निस्तारण कराया जा सके।

यह भी पढ़ें- अब UP में चार घंटे में होगा पोस्टमार्टम, डिप्टी सीएम के निर्देश पर लागू हुई नई गाइडलाइंस

साथ ही कॉलेज परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। खासतौर पर गर्ल्स हॉस्टल, इमरजेंसी वार्ड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भूतपूर्व सैनिकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए सभी कॉलेज प्राचार्यों को सैनिक कल्याण निगम से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि छात्राओं, स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो और हर व्यक्ति को सुरक्षित माहौल मिले।

सीसीटीवी निगरानी और जिम्मेदारी तय

अब मेडिकल कॉलेजों और उनके हॉस्टल परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या और निगरानी को दोगुना मजबूत किया जाएगा। हर कैमरे की फीड का सीधा एक्सेस प्राचार्य, सीएमएस, वार्डन और सुरक्षा अधिकारी के मोबाइल फोन पर रहेगा। इससे किसी भी आपात स्थिति या लापरवाही पर तुरंत प्रतिक्रिया संभव होगी। सभी संस्थानों को ये सुनिश्चित करना होगा कि कैमरे हर समय क्रियाशील रहें और तकनीकी खराबी होने पर तत्काल मरम्मत हो।

24 घंटे चालू रहे जांच सुविधाएं

साथ ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने यह भी निर्देश दिए हैं कि ट्रॉमा सेंटरों और इमरजेंसी वार्डों में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। मरीजों को भर्ती, इलाज और जांच में किसी तरह की देरी न हो। पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहनी चाहिए। साथ ही, एएलएस एंबुलेंस के संचालन को लेकर सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे समन्वय स्थापित कर मरीजों को कम समय में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराएं।

आईसीयू व ऑक्सीजन की पुख्ता व्यवस्था

आईसीयू का संचालन सुचारू रूप से किया जाए और ऑक्सीजन की सप्लाई हर समय बनी रहे, यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इससे गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही हॉस्टल और मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराना भी अनिवार्य होगा। इसके लिए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों में उपलब्ध सभी चिकित्सा उपकरणों को चालू हालत में रखा जाएगा।

आयुष्मान बजट से मरीजों को मिलेगी राहत

डिप्टी सीएम ने बताया कि कॉलेजों के पास आयुष्मान भारत योजना का पर्याप्त बजट मौजूद है। इसका उपयोग मरीजों की सुविधाएं बेहतर बनाने में किया जाए। मरीजों को हर दिन साफ चादरें, तकिया और पीने का साफ पानी दिया जाए। ये भी सुनिश्चित किया जाए कि वार्डों में स्वच्छता बनी रहे और मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।

यह भी पढ़ें- मरीजों से असंवेदनशीलता दिखाने वाले पांच डॉक्टर होंगे बर्खास्त, ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश, अन्‍य पर भी गिरी गाज