आरयू वेब टीम। लंबी खीचतान के बाद महाराष्ट्र में भाजपा के सरकार बनाने के बाद बुधवार को फ्लोर टेस्ट से पहले देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस्तीफा सौंपा। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत नहीं है। इससे पहले एनसीपी नेता अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद से उन्हें इस्तीफा सौंपा था।
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेसवार्ता कर कहा कि बहुमत बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को मिला था। हमें 105 सीट पर सफलता मिली थी। हमने शिवसेना का काफी इंतजार किया, लेकिन शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस से बातचीत शुरू कर दी। हमने कभी भी ढाई-ढाई साल का वादा नहीं किया था। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने अपना ही मजाक बनाया। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि तीनों दलों ने सरकार बनाने से इंकार कर दिया था। तब जाकर 15 दिन बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। अब हमारे पास बहुमत नहीं है इसलिए मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
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साथ ही फडणवीस ने कहा कि मुझे शक है कि तीन पहियों की यह सरकार स्थिर रह पाएगी। भाजपा प्रभावी विपक्ष की तरह काम करेगी और लोगों की आवाज उठाएगी। सत्ता की भूख इतनी ज्यादा है कि शिवसेना के नेता सोनिया गांधी के साथ भी गठबंधन को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हमने तय किया था कि हम कभी हॉर्स ट्रेडिंग नहीं करेंगे और कभी कोई विधायक नहीं तोड़ेंगे।
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इतना ही नहीं देवेंद्र फडणवीस ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने पांच साल काफी मेहनत से राज्य की जनता के लिए काम किया। महाराष्ट्र की जनता ने बीजेपी गठबंधन को बहुमत दिया था। उन्होंने कहा कि तीन दलों की सरकार सिर्फ सत्ता के लिए एक साथ आ रहे हैं। तीनों दल मिलकर भी 10 दिन न्यूनतम कार्यक्रम तय नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि हम नई सरकार को काम करना सिखाएंगे। अब हम विपक्ष में बैठेंगे।




















