आरयू ब्यूरो, लखनऊ। फर्जी रजिस्ट्री गैंग व लखनऊ विकास प्राधिकरण का पुराना नाता रहा है, लेकिन इस बार सिंडिकेट सामने आने पर एलडीए ने कड़े कदम उठाने का दावा किया है। एलडीए गोमतीनगर समेत अपनी सभी योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों का सर्वे कराएगा। साथ ही एलडीए कार्यालय में संदिग्ध व दलालों के प्रवेश पर रोक और अफसर-कर्मियों के आइकार्ड लगाने के लिए एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने आज बैठक कर निर्देश जारी किए हैं।
उपाध्यक्ष ने कहा है कि प्राधिकरण अपनी प्रापर्टी की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए खाली प्लाटों का सर्वे कराएगा। इसमें जिस भूखंड की रजिस्ट्री नहीं हुयी है, उनमें मूल आवंटी को सूचना भेज रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, जिन प्रकरणों में आवंटी को कब्जा नहीं दिया गया है, उनमें आवंटियों को अभियान चलाकर कब्जा प्राप्त करवाया जाएगा।
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बताते चलें कि एसटीएफ द्वारा कल गोमती नगर से करीब सौ प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री कर बेचने वाले गिरोह के सरगना समेत छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये जालसाज गोमतीनगर व अन्य योजनाओं में लंबे समय से खाली पड़े भूखंडों को टारगेट करने के बाद प्राधिकरण के बाबूओं व अन्य के साथ मिलकर प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री कर बेच देते थे। हालांकि अरबों रुपये की जालसाजी में अभी तक एसटीएफ ने एलडीए के किसी बाबू या अफसर-कर्मी के नाम का खुलासा नहीं किया है।
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वहीं एलडीए वीसी ने इस जालसाजी का संज्ञान लेते हुए आज अफसरों के साथ बैठक करके इसकी रोकथाम के लिए खाका खीचा। साथ ही व्यवस्था को नये सिरे से सुधारते हुए प्रापर्टी का ब्योरा सुरक्षित करने के निर्देश दिये।
इसके अलावा उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण कार्यालय में संदिग्ध व्यक्तियों की इंट्री पर पूरी तरह बैन लगाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए अब सभी इंट्री गेट पर ही एलडीए आने वालों की डिटेल रजिस्टर में नोट होगी। इसमें आगंतुक को यह घोषित करना होगा कि उसे किस काम और किस पटल पर जाना है। जिसके बाद उसकी इंट्री का गेट पास जारी किया जाएगा। यह पास निश्चित समय अवधि व घोषित पटल के लिए ही मान्य होगा।
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इसके अलावा विभागीय काम से कार्यालय आने वाले रजिस्टर्ड ठेकेदारों, अधिवक्ताओं व आर्किटेक्ट आदि के लिए संबंधित अनुभागाध्यक्ष पास जारी करेंगे।
सचल दल करेगा औचक निरीक्षण
वहीं बाहरी लोगों व एलडीए के अफसर-कर्मियों के बीच स्पष्ट अंतर नजर आने के लिए उपाध्यक्ष ने एलडीए के सभी अधिकारी व कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र धारण करने का निर्देश दिया है। साथ ही वीसी ने कहा है कि इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने के लिए सचल दल गठित किया जाएगा, यह दल समय-समय पर इंट्री गेट के साथ ही कार्यालय के पटलों का भी औचक निरीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराएगा।
डाटा सेफ करने को पोर्टल हो रहा तैयार
वहीं प्राधिकरण की वेबसाइट के डेटा में छेड़छाड़ को लेकर प्रथमेश कुमार ने बताया कि पुराने पोर्टल में तकनीकि खामियों के चलते डाटा की सुरक्षा सुदृढ़ नहीं थी। इसके लिए नया सॉफ्टवेयर विकसित करते हुए सारा डाटा उसमें माइग्रेट किया जा रहा, जोकि पूरी तरह सुरक्षित होगा और इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी।
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इसके अलावा लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर संचालित ईआरपी में प्लानिंग, सम्पत्ति, अभियंत्रण, वित्त एवं लेखा, मानव संसाधन, अभिलेखागार, अनुरक्षण, विधि व जनसूचना आदि अनुभागों के मॉड्यूल विकसित किये जा रहें। इसमें पेमेंट गेट-वे, डिजिटल सर्टीफिकेट, डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम, आधार बेस्ड वेरीफिकेशन जैसी अन्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।