आरयू वेब टीम। गुजरात के बनासकांठा जिले में मंगलवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए हैं। आग की सूचना पाकर फायर ब्रिगेड के साथ एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ भी सकती है।
मिली जानकारी के मुताबिक, डीसा ग्रामीण कस्बे के निकट स्थित फैक्ट्री में मंगलवार को सुबह करीब नौ बजे आग लग गई। जिसके बाद हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के कारण भवन के कुछ हिस्से ढह जाने से कई श्रमिक फंस गए। बताया जा रहा है कि विस्फोट इतना जोरदार था कि आस-पास की इमारतें भी हिल गईं और फैक्ट्री में आग लग गई। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनी गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम का मलबा 200 मीटर दूर तक उछला। मृत श्रमिकों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। ब्लास्ट के बाद जेसीबी की मदद से मलबा को हटाया गया।
वहीं बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने कहा,” आज सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की सूचना मिली। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। कई घायल मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का स्लैब ढह गया।” वहीं संदेह है कि दुर्घटना के समय 20 से अधिक लोग मौजूद थे। अब तक 17 शव बरामद किए गए हैं, चार लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक गोदाम को केवल भंडारण की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां गुप्त रूप से पटाखा निर्माण का कार्य भी किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में दावा किया जा रहा है कि गोदाम में मौजूद बॉयलर के फटने से आग लगी, जिससे भयावह विस्फोट हुआ।
हादसे के तुरंत बाद गोदाम का मालिक फरार हो गया, और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। प्रशासन ने डीसा जीआईडीसी अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि गोदाम में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।