आरयू ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर हमला बोला है। सपा मुखिया ने कहा कि कयामत उर्दू शब्द है। मुख्यमंत्री उर्दू की मुखालफत करते रहे हैं, फिर अब इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग क्यों कर रहे हैं। उन्होंने सीएम योगी के संकट में फंसने पर सांप्रदायिक होने की बात कही।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ‘कयामत शब्द उर्दू है, जो मुख्यमंत्री उर्दू के खिलाफ था वो कयामत की बात कर रहा है। कयामत के अलावा कोई दूसरा शब्द इस्तेमाल करें। अखिलेश यादव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री घिर जाते हैं, भाजपा कमजोर हो जाती है उनकी कुर्सी जाने का डर बढ़ जाता है तब वे सांप्रदायिक हो जाते हैं। जितना उनकी कुर्सी को खतरा होगा उतना ही वे सांप्रदायिक हो जाएंगे”।
आगे सपा अध्यक्ष ने सवाल खड़े किए कि उन्होंने (योगी आदित्यनाथ) कौन सा विकास किया? अगर पानी बरस जाए आज भी गोरखपुर में नाव चलेगी, मेट्रो नहीं चल पाएगी। जब मुख्यमंत्री जी पहली बार झांसी गए तो उन्होंने कहा कि झांसी में मेट्रो बनेगी। झांसी को सीधे दिल्ली से जोड़ दिया जाएगा एक्स्प्रेसवे से और गोरखपुर में मेट्रो बनेगी। आज दस साल पूरे हो गए हैं बताइए गोरखपुर में मेट्रो बनी?
यह भी पढ़ें- अखिलेश ने कहा, डील नहीं होती एकतरफा, देश की जनता जानना चाहती है भारत के हितों के आत्मसमर्पण की मजबूरी
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाराबंकी पहुंचे थे, जहां सीएम ने कहा, भाजपा सरकार रुकने वाली नहीं है। ये सरकार जितना बोलती उतना करती है। उतना ही बोलती है जितना करती है। जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे हैं वह दिन आने वाला नहीं है। बाबरी मस्जिद अब कभी भी नहीं बनने वाली है। हम अपनी विरासत को यूं ही मजबूत करेंगे। याद करिए 500 साल बाद अयोध्या में गौरवपूर्ण क्षण आया।
उन्होंन आगे कहा कि, कयामत के दिन के लिए मत जियो, हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। यहां का कानून मानोगे और कायदे से रहोगे तो फायदे में रहोगे। कानून तोड़कर अगर कोई जन्नत जाने का सपना देख रहा है जो कभी पूरा नहीं होने वाला है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के क्या हालात थे? कोई पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से नहीं मना सकते थे। कोई सुरक्षित नहीं था। हर तीसरे-चाथे दिन किसी ने किसी शहर और जिले में कर्फ्यू लग जाता था। किसी भी गरीब के जमीन पर कब्जा कर लिया जाता था, लेकिन सरकार बदलते ही सारी अराजकता गायब हो गई।




















