अमेरिकी मिसाइल हमलों के बीच ईरान में आया भूकंप, लोगों में बढ़ी दहशत

ईरान में भूकंप

आरयू इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका-इजरायल के हमलों और युद्ध के बीच ईरान में मंगलवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिससे लोगों में दहशत बढ़ गई है। लोग घरों से बाहर निकल आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक दक्षिणी ईरान के गेराश इलाके में 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब दस किलो मीटर नीचे था।

वहीं ये झटके फारस प्रांत में महसूस हुए, जहां लोग पहले से ही युद्ध की वजह से तनाव में थे। धमाकों और बमबारी के बीच ये भूकंप आया, तो लोगों में खासी दहशत फैल गई। कई लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान, मौत या घायलों की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। यूएसजीएस ने कहा कि ये इलाका पहले से ही भूकंप वाला सेस्मिक एक्टिव जोन है, इसलिए ये नैचुरल टेक्टॉनिक एक्टिविटी लगती है।

गेराश दक्षिणी ईरान में एक ऐसे गलियारे पर स्थित है जो प्रमुख ऊर्जा, बंदरगाह और सैन्य अवसंरचनाओं को जोड़ता है। गचिन यूरेनियम खदान (बंदर अब्बास के पास) – गेराश से लगभग 150-180 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। गचिन ईरान के घरेलू यूरेनियम अयस्क स्रोतों में से एक है। यह एक खनन स्थल है।

बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी गेराश से लगभग 250-300 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। बुशहर, फारस की खाड़ी के तट पर ईरान का एकमात्र कार्यरत नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। हालांकि दोनों संयंत्र दक्षिणी ईरानी क्षेत्र में स्थित हैं, लेकिन भूकंप के बाद किसी भी संयंत्र में क्षति, व्यवधान या विकिरण संबंधी घटनाओं की कोई पुष्ट रिपोर्ट नहीं है।

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सोशल मीडिया पर अफवाहें फैल रही हैं कि कहीं ये ईरान का न्यूक्लियर टेस्ट तो नहीं? क्योंकि युद्ध में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले हो रहे हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स और यूएसजीएस ने इसे साफ किया कि 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप न्यूक्लियर टेस्ट जैसा नहीं होता। टेस्ट में आमतौर पर ज्यादा तीव्रता और अलग पैटर्न होता है।

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