आरयू ब्यूरो,
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेरठ की रैली में सपा-बसपा और रालोद गठबंधन की तुलना सराब से करने को लेकर बयानों का सिलसिला शुरू हो गया है। वहीं पीएम के इस बयान पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मोदी पर हमला बोला है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्वीट कर कहा, ‘आज टेली-प्रॉम्प्टर ने पोल खोल दी। ‘सराब’ और ‘शराब’ का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफरत के नशे को बढ़ावा देते हैं। ‘सराब’ को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो भाजपा पांच साल से दिखा रही है, लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया ‘सराब’ दिखा रहे हैं।
आज टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि सराब और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफ़रत के नशे को बढ़ावा देते हैं
सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो भाजपा 5 साल से दिखा रही है लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 28, 2019
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वहीं मायावती ने ट्विट कर कहा, पीएम श्री मोदी ने आज मेरठ से लोकसभा चुनाव अभियान की शुरूआत करते हुए कहा कि मैं अपना हिसाब दूंगा, लेकिन विदेश से कालाधन वापस लाकर गरीबों को 15 से 20 लाख रुपये देने और किसानों की आय दोगुनी करने आदि जनहित के मुद्दों का हिसाब-किताब दिये बिना ही वे मैदान छोड़ गए। क्या चौकीदार ईमानदार है।
बसपा सुप्रीमो ने दूसरे ट्विट में कहा, ‘‘व्यक्तिगत, जातिगत और साम्प्रदायिक द्वेष तथा घृणा की राजनीति करना भाजपा एण्ड कम्पनी की शोभा है, जिसके लिये उनकी सरकार लगातार सत्ता का दुरुपयोग करती रही है। देशहित को सर्वोपरि मानकर ऐसी गरीब, लोकतंत्र और जनविरोधी सरकार से देश को मुक्ति दिलाने के लिए बसपा-सपा-रालोद ने गठबंधन किया है।’’
व्यक्तिगत, जातिगत व साम्प्रदायिक द्वेष व घृणा की राजनीति करना बीजेपी एण्ड कम्पनी की शोभा है जिसके लिये उनकी सरकार लगातार सत्ता का दुरुपयोग करती रही है। देशहित को सर्वोपरि मानकर ऐसी गरीब, लोकतंत्र व जनविरोधी सरकार से देश को मुक्ति दिलाने के लिए बसपा-सपा-आरएलडी ने गठबंधन किया है।
— Mayawati (@Mayawati) March 28, 2019
वहीं इसे एक कदम आगे बढ़ाते हुए सपा नेता मनोज धूपचंडी ने ट्वीट कर लिखा कि हिंदुस्तान को ‘नशा’ मुक्त बनाना है। साथ ही ट्वीट पर एक फोटो पोस्ट करते हुए कहा नरेंद्र मोदी के ‘न’ और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के ‘शा’ को मिलाते हुए दोनों की जोड़ी को ‘नशा’ बताया है।
#23_मई_भाजपा_गई #MahaGathbandhan से #MahaParivartan @yadavakhilesh @samajwadiparty pic.twitter.com/s0ouKoyzRo
— Manoj Rai Dhoopchandi (@MDhoopchandi) March 28, 2019
साथ ही मोदी के ‘शराब’ वाले बयान पर लालू यादव की पार्टी राजद ने भी चुटकी ली। राजद ने कहा, पांच साल में ‘स’ और ‘श’ का अंतर नहीं सीखा। लो हम सिखाते हैं। शाह का श, राजनाथ का र और बुड़बक बीजेपी का ब बन गया शराब बंदी में धड़ल्ले से बिकता गुजराती शराब।
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जबकि कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने मीडिया से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने राजनीतिक पार्टियों की शराब से तुलना कर पूरे देश और प्रजातंत्र का मजाक उड़ाया है। आप अपने शब्द वापस लीजिए या फिर माफी मांगिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मायावती जी और दूसरे नेताओं से इनका विरोध हो सकता है। लेकिन प्रधानमंत्री ने जिस भाषा में बात की है उससे उन्होंने भारत की संस्कृति को मिट्टी में मिलाने का काम किया है।
यहां बता दें कि आपको बता दें कि आज मेरठ में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, ‘सपा का स, रालोद का रा और बसपा का ब मतलब सराब, ये शराब आपको बर्बाद कर देगी’। पीएम ने कहा कि यूपी में तो सब कुछ इतनी जल्दी-जल्दी हो रहा है कि पूछिए मत। दो लड़कों से बुआ-बबुआ तक पहुंचने में जो तेजी दिखाई गई है, वो गजब है।