आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अमेरिका द्वारा हमला कर श्रीलंका के दक्षिणी छोर पर ईरानी युद्धपोत को ‘डुबा देने’ पर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के रुख की आलोचना की है। सपा मुखिया ने गुरुवार को कहा कि सरकार ये स्पष्ट करे कि लोग इसे ‘चुप्पी’ मानें या किसी स्पेशल डर की वजह से इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए।
अखिलेश ने कहा कि देश के लिए मौजूदा समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है। सपा सुप्रीमो ने ‘एक्स’ पर पोस्टकर कहा कि अमेरिकी-इजराइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना देशवासियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ”ये इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। स्पष्ट किया जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए।”
नरेंद्र मोदी पर हमला जारी रखते हुए अखिलेश ने कहा, ”भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं। जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है?” यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते यह देश की सरकार, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का संयुक्त दायित्व बनता है कि वे इस पर अपना पक्ष स्पष्ट करें, मगर कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुंह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने तंज कसा, ”जो भाजपा सरकार कुछ कह भी नहीं रही है, वह करेगी क्या, यह सोचकर देशवासी परेशान हैं। भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है। ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है।”
इस दौरान सपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीका ढूंढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि भाजपा के सदस्य आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके। उन्होंने कहा कि देश के लिए यह समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है।




















