आरयू ब्यूरो, लखनऊ। नेपाल में पिछले 48 घंटे से हालात बेहद खराब हैं। काठमांडू में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुआ। नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद सेना ने कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। पड़ोसी देश में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारत और नेपाल के बीच आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। साथ ही नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खासकर उत्तर प्रदेश के जिलों में सुरक्षा बढ़ा कड़ी कर दी गई है।
नेपाल बॉर्डर से सटे श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और महराजगंज में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। दरअसल यूपी के इन जिलों से नेपाल में व्यापार, पढ़ाई आदि को लेकर आवाजाही लगी रहती थी, जिसके कारण ये जिले संवेदनशील बताए जा रहे हैं। इस संबंध में योगी सरकार ने सुरक्षा को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बॉर्डर से सटे सभी इलाकों में 24 घंटे पुलिस हाई अलर्ट पर रहनी चाहिए।इसके अलावा यूपी सरकार ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर नेपाल से जुडी संवेदनशील जानकारी को लेकर पोस्ट और वीडियोज पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा गया है कि संवेदनशील पर नजर बनाए रखें और जरूरत तुरंत कार्रवाई करें।
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वहीं हिंसा के कारण यूपी के भी कई लोग नेपाल में फंसे हुए हैं। इन भारतीयों की मदद और वापसी के लिए यूपी पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह कंट्रोल रूम अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) के अधीन काम करेगा। इसके लिए तीन हेल्पलाइन नंबर और एक व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं, जो 24 घंटे चालू रहेंगे। इसके जरिए भारतीय नागरिक सीधे मदद ले सकते हैं। यूपी सरकार की ओर से 0522-2390257, 0522-2724010, 9454401674 नंबर और व्हाट्सएप नंबर 9454401674 जारी किया गया है।
जबकि यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने भी सभी जिलों के पुलिस को हाई अलर्ट का आदेश दे दिया है। साथ ही इन जिलों में सुरक्षा-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यूपी के सीमावर्ती जिलों में पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है।




















