सावरकर केस में हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिया राहुल गांधी को झटका, 200 रुपए जुर्माना-समन रद्द करने की मांग खारिज

हाई कोर्ट लखनऊ बेंच

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ से शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को झटका लगा है। विनायक दामोदर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला बताने के मामले में लखनऊ की सेशन कोर्ट की ओर से लगाए गए 200 रुपये के जुर्माने और तलबी (समन) के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

राहुल ने सावरकर मानहानि मामले में लखनऊ की सेशन कोर्ट के समन आदेश और 200 रुपए जुर्माने को लेकर हाई कोर्ट में दो अप्रैल को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने उन्हें अल्टरनेट रेमेडी (वैकल्पिक उपाय) अपनाने का सुझाव देते हुए लखनऊ सेशन कोर्ट जाने को कहा है।

दरअसल तीन मार्च को लखनऊ की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट ने लगातार पेशी से गायब रहने पर राहुल गांधी पर 200 रुपए जुर्माना लगाया था। चेतावनी दी थी कि 14 अप्रैल 2025 को अदालत में हाजिर हों, अगर वे इस तारीख को भी पेश नहीं होते हैं तो कठोर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। गैर-जमानती वारंट भी जारी किया जा सकता है।

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राहुल गांधी के वकील ने मीडिया को बताया कि 12 दिसंबर, 2024 को धारा 153A और 505 आइपीसी के तहत लखनऊ की सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। एसीजेएम ने भी 200 रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ हम हाई कोर्ट गए थे, लेकिन कोर्ट ने हमारी मांग खारिज कर दी। अब हम एक और याचिका दाखिल करेंगे।

शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडेय के अनुसार, राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशन लेने वाला’ कहा था। शिकायतकर्ता ने कहा ये बयान समाज में वैमनस्य और घृणा फैलाने की मंशा से दिया गया था। इतना ही नहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले से तैयार पर्चे भी पत्रकारों के बीच वितरित किए गए थे।

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