आरयू वेब टीम। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि देश में विनिर्माण रिकॉर्ड निचले स्तर पर है और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को सिर्फ ‘असेंबल’ और आयात किया जा रहा है। उन्होंने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संदर्भ में नए विचारों के बिना ‘सरेंडर’ (समर्पण) कर दिया है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दिल्ली के नेहरू प्लेस में लैपटॉप और मोबाइल की एक दुकान का दौरा किया। इसका वीडियो उन्होंने यूट्यूब और एक्स पर साझा किया। राहुल गांधी ने कहा कि “मेक इन इंडिया” ने फैक्ट्री क्रांति का वादा किया था, तो फिर विनिर्माण रिकॉर्ड निचले स्तर पर क्यों है, युवाओं की बेरोज़गारी ऐतिहासिक ऊंचाई पर क्यों है, और चीन से आयात दोगुने से ज्यादा क्यों हो गए हैं?
साथ ही दावा किया, “मोदी जी को नारे देने आते हैं, समाधान नहीं। 2014 से अब तक, विनिर्माण क्षेत्र का हिस्सा हमारी अर्थव्यवस्था में सिर्फ 14 प्रतिशत रह गया है।” राहुल गांधी ने इस बात का उल्लेख किया, “दिल्ली के नेहरू प्लेस में मैं शिवम और सैफ से मिला। दोनों ही होशियार, हुनरमंद, उम्मीदों से भरे हैं, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता साबित करने का मौका नहीं मिला।”
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राहुल ने कहा, “यह कड़वा सच है कि हम असेंबल करते हैं, आयात करते हैं , लेकिन निर्माण नहीं करते। चीन मुनाफ़ा कमा रहा है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नए विचारों के बिना, मोदी जी ने सरेंडर कर दिया है, जिनकी पीएलआई योजना का इतना प्रचार हुआ। अब उसे चुपचाप वापस लिया जा रहा है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को एक बुनियादी बदलाव की जरूरत है जो लाखों उत्पादकों को ईमानदार सुधार और वित्तीय सहयोग से सशक्त करे। कांग्रेस नेता ने कहा, “हमें दूसरों के लिए बाजर नना बंद करना होगा। अगर हम यहाँ नहीं बनाएंगे, तो दूसरों से खरीदते रहेंगे। वक़्त तेजी से बीत रहा है।”




















