आरयू ब्यूरो, लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर उनकी इस टिप्पणी के लिए कटाक्ष किया कि राजनीति उनके लिए पूर्णकालिक नौकरी नहीं है और कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इस पर ध्यान देना चाहिए और ऐसे राजनेताओं को सेवानिवृत्त कर देना चाहिए। सपा मुखिया ने कहा कि “हमारे मुख्यमंत्री कहते हैं कि राजनीति उनके लिए पूर्णकालिक काम नहीं है। ऐसे पार्ट-टाइम लोगों को दिल्ली (नेतृत्व) निकाल क्यों नहीं देती पार्टी से।”
अखिलेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो लोग राजनीति को अंशकालिक नौकरी समझते हैं, उन्हें इसमें बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए। सपा अध्यक्ष ने एक्स पर भी पोस्ट कर कहा कि “वास्तव में, जो लोग राजनीति को अंशकालिक नौकरी समझते हैं, उन्हें इसमें बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए, क्योंकि ‘सच्ची राजनीति सेवा का क्षेत्र है’ जिसके लिए दिन के दो घंटे और पूरा जीवन भी पर्याप्त नहीं है।”
दरअसल संसद भवन में वक्फ संशोधन विधेयक चर्चा और पारित होने के लिए रखा गया है। आदित्यनाथ ने अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह राजनीति को अपने लिए पूर्णकालिक नौकरी के रूप में नहीं देखते हैं।
योगी ने कहा कि देखिए, मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं, पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यहां रखा है और राजनीति मेरे लिए पूर्णकालिक नौकरी नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हम यहां काम कर रहे हैं, लेकिन असल में मैं एक योगी हूं। जब तक हम यहां हैं, हम काम कर रहे हैं। इसकी भी एक समय सीमा होगी।
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ये टिप्पणी ऐसे दिन आई है, जब लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए मैराथन सत्र चल रहा है। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने और उनके प्रबंधन में सुधार लाने के उद्देश्य से बनाया गया है।