आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम के लिए लगायी गयी शर्तों को लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है। अखिलेश ने कहा, ‘‘आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुल सकते हैं, ये शर्त भी रख देते…।” जनता अगले चुनाव में भाजपा को सिखाएगी सबक।’’
अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्टकर कहा, ‘‘आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुल सकते हैं, ये शर्त भी रख देते…।” उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपाई सनातन का सम्मान नहीं कर सकते हैं तो भले न करें, परंतु अपमान भी न करें। उत्तर प्रदेश की अहंकारी सरकार जिस समाज विशेष के मान की बांह मरोड़ रही है, उस समझदार समाज को वह बात समझ आ रही है।’’
सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा की सरकार के तमाम मंत्री पार्टी सांसद और विधायक तथा अन्य जन प्रतिनिधि इस मामले पर अपने समाज से मुंह चुरा रहे हैं। साथ ही कहा, ‘भाजपा की भट्ठी पर अपने स्वार्थ की रोटी सेंकने वाले ऐसे भाजपाई जनप्रतिनिधि, अपने ही समाज में सम्मान खो चुके हैं। जनता अगले चुनाव में उनको सबक सिखाएगी।’’
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आगे कहा कि इन जनप्रतिनिधियों में से जो कुछ लोग अपने समाज के सच्चे शुभचिंतक हैं वे उन अन्य दलों के संपर्क में हैं तथा वे सदैव सनातन और इस समाज का सम्मान भी करते रहे हैं । उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम में कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन करने के प्रशासन के आदेश पर भी सवाल खड़े किये।
अखिलेश ने कहा, ‘‘और हां कोविड-19 अब भी चल रहा है क्या? अगर ये सच है तो सरकार की किस सभा या बीजेपी के किस आयोजन में इसका आख़िरी बार अनुपालन हुआ, उसका प्रमाण दिया जाए। भाजपाई और उनके संगी-साथियों की भूमिगत बैठकों में क्या यह लागू होता है। अतार्किक बंदिशें लगाना कमजोर सत्ता की पहचान होती है।’’




















