संसद भवन उद्घाटन की याचिका खारिज कर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस पर सुनवाई करना हमारा काम नहीं

संसद भवन उद्घाटन याचिका

आरयू वेब टीम। नए संसद भवन के उद्घाटन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दायर जनहित याचिका (पीएलआई) को खारिज कर दिया गया है। दायर याचिका में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन करने की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस तरह की याचिकाओं पर सुनवाई करना सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है।

मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि शुक्र मनाइए कि आप पर जुर्माना नहीं लगाया जा रहा है। जस्टिस जेके माहेश्वरी और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने याचिकाकर्ता से यह पीएलआई दाखिल करने का कारण पूछा जिस पर याचिकाकर्ता सीआर जयसुकिन ने अनुच्छेद 79 का हवाला दिया, लेकिन जब जजों ने पूछा कि इसका क्या मतलब है तो वह कोई ठोस जवाब नहीं दे सके।

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इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम जान रहे हैं, ये याचिका क्यों दाखिल की गई? क्या है याचिका दाखिल करने के पीछे का मकसद? कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अगर आप इस तरह की याचिका दायर करते हैं तो आप पर जुर्माना लगाया जाएगा।

बताते चले कि नए संसद भवन के उद्धाटन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले की कांग्रेस, वामपंथी, टीएमसी, सपा और आप जैसे लगभग 20 विपक्षी पार्टियों ने व्यापक रूप से आलोचना की है, जिन्होंने उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने विपक्ष की स्थिति को देश के संविधान में निहित लोकतंत्र और मूल्यों के लिए सीधी चुनौती बताया है।

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