नागरिकता संशोधन बिल पर बोली शिव सेना, हिंदू-मुसलमान में बंटवारे की कोशिश कर रही मोदी सरकार

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(फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर शिवसेना ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। साथ ही सवाल भी उठाए हैं। शिवसेना ने कहा कि हमारे देश मे क्या समस्याओं की कमी है, जो बाहर का बोझ सीने पर लिया जा रहा है। शिवसेना ने मोदी सरकार को विधेयक में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। शिवसेना ने आरोप लगाया है कि इसके पीछे वोट बैंक की राजनीति है और यह विधेयक वोट बैंक की पॉलिटिक्स के लिए बिल पास किया जा रहा है?

शिव सेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा, ‘क्या हिंदू अवैध शरणार्थियों की ‘चुनिंदा स्वीकृति’ देश में धार्मिक युद्ध छेड़ने का काम नहीं करेगी? शिवसेना ने मोदी सरकार पर विधेयक को लेकर हिंदुओं तथा मुस्लिमों का ‘अदृश्य विभाजन’ करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि हम मानते हैं कि हिंदुओं के पास भारत के अलावा कोई दूसरा देश नहीं है, लेकिन अगर वोट बैंक के लिए नागरिकता बिल को पास करने की कोशिश की जा रही है तो यह देश के लिए ठीक नहीं है।’

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शिव सेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा है कि देश के ज्यादातर राजनैतिक दलों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया है। ‘हमारे शासक पड़ोसी चार-पांच देशों के नागरिकों को हिंदुस्तान की नागरिकता देने का निर्णय ले रहे हैं। इसमें राष्ट्र हित कितना है और वोट बैंक की राजनीति कितनी, इस पर बहस शुरू है।

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सामना में शिवसेना ने कहा कि नागरिकता सुधार विधेयक लाकर ऐसा कानून बनाया जा रहा है। इसके जरिए हिंदू और मुसलमान ऐसा विभाजन सरकार ने कर दिया है। हर घुसपैठिए को बाहर निकालेंगे, ऐसी गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका चुनाव के पहले से ही रही है तथा यह राष्ट्रहित में ही है। अमित शाह दिल्ली आने से पहले बांग्लादेशी ही क्यों, हर घुसपैठिए को खदेड़ो, ऐसी भूमिका हमने व्यक्त की है।’

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