आरयू ब्यूरो,
लखनऊ/प्रयागराज। शिक्षक भर्ती को लेकर लगातार युवाओं की नाराजगी झेल रही योगी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा दांव खेलने का मन बना लिया है। सरकार ने करीब डेढ़ महीने में 69 हजार पदों पर सहायक शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया है। तय समय पर अगर परीक्षा हुई और रिजल्ट आया तो यह सरकार की सबसे कम समय में बड़ी भर्ती होगी। वहीं सरकार बेरोजगारी को लेकर लगातार होने वाले विरोधी दलों के हमले से भी काफी हद तक सेफ हो जाएगी।
69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पांच दिसंबर से शुरू होगी। इसके लिए पांच से 20 दिसंबर तक आवेदन लिए जाएंगे। छह जनवरी को लिखित परीक्षा होगी और परिणाम 22 जनवरी तक आएगा। पिछली भर्ती प्रक्रियाओं में लेट-लतीफी और भारी अनियमित्ताओं व तकनीकी कारणों से परिणाम अवरुद्ध होने के चलते इस बार सरकार ने शार्ट टर्म प्रोग्राम तैयार किया है।
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साथ ही भर्तियों में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए भी कई उपाय किए गए हैं। मसलन, इस बार परीक्षा उत्तर पुस्तिका की जगह ओएमआर सीट पर होगी और सिर्फ मंडल मुख्यालय पर ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, इसके अलावा पहले से कट ऑफ नहीं निर्धारित होगा।
बता दें कि योगी सरकार में इससे पहले 68 हजार पांच सौ पदों पर शिक्षकों की भर्ती की गई थी, लेकिन भर्ती शुरू से ही विवादों में रही। गड़बड़ियों पर हाईकोर्ट ने सीबीआइ जांच के आदेश दिए हैं, तो सरकार ने हाईकोर्ट में डबल बेंच में अपील की है।
इसके अलावा परिषदीय विद्यालयों में समायोजित हो चुके शिक्षामित्रों के लिए भी यह आखिरी मौका है। 18 नवंबर को टीईटी परीक्षा में सफल अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती में अर्ह होंगे। टीईटी की संशोधित आंसर की जारी हो चुकी है और रिजल्ट आठ दिसंबर तक आने की संभावना है।
वहीं भर्ती अगर सही से करा लेने में सरकार सफल हो जाती है, तो अगामी लोकसभा चुनाव में युवाओं के गुस्से के चलते होने वाले नुकसान से काफी हद तक बच जाने की उम्मीद जताई जा रही है।




















