आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अगर आप अपने घर के पड़ोस में या आसपास खुले अवैध होटलों से जुड़ी गतिविधियों से परेशान है तो अब आपका सुकून अपने ही घर में और ज्यादा खतरे में पड़ने वाला है। नए नियमों के तहत सरकारी सड़कों से जुड़े ओयो वाले समेत तमाम होटलों को न सिर्फ लखनऊ विकास प्राधिकरण वैध करेगा, बल्कि आवासीय समेत सभी तरह के प्लॉट पर नए होटल बनाने का नक्शा भी पास करेगा।
कुछ समय पहले लागू हुए न्यू बिल्डिंग बायलॉज के इस नियम से सूबे की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेशभर के हजारों होटल व्यापारियों को तो काफी सहूलियत हो जाएगी। साथ ही प्रदेश की करोड़ों आम जनता को होटलों की गतिविधियों से होने वाली तमाम दिक्क्तों का सामना अपने घर में भी करना पड़ेगा।
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वहीं होटल बनाने के लिए लैंड यूज के साथ प्लॉट साइज की बाध्यता भी समाप्त होने से होटल में आने वाले ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहें हैं। बता दें कि अब तक सामने आए नियमों के अनुसार किसी भी तरह की जमीन पर अब मात्र छह कमरों का भी होटल बनाया जा सकेगा, सभी प्राधिकरण इसका नक्शा भी पास करेंगे। एलडीए के अफसरों ने आज इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए चारबाग इलाके में स्थित एक होटल में होटल व्यापारियों से मुलाकात करते हुए नए व पुराने होटलों का नक्शा पास कराने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया।
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एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यूपी भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 को लेकर चलाये जा रहे अभियान के क्रम में होटल व्यापारियों के साथ प्राधिकरण के संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, जोनल अधिकारी वंदना पांडेय, मानचित्र सेल व प्रवर्तन के इंजीनियरों ने व्यापारियों को नये नियमों के फायदे बताये।
होटल-अस्पताल को अब NOC की जरूरत नहीं
बैठक में संयुक्त सचिव ने बताया कि प्रदेश सरकार की पयर्टन नीति के अंतर्गत होटल व्यवसाय को बाहरी विकास शुल्क एवं प्रभाव शुल्क से मुक्त रखा गया है। इसके अलावा होटल, अस्पताल और पेइंग गेस्ट सुविधाओं के लिए एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र में होटल, होम स्टे के लिए मानकों में छूट से होटल कारोबारियों को बड़ा लाभ होगा।
शमन मानचित्र के लिए करेंगे आवेदन
वहीं बैठक में मौजूद होटल व्यापारियों ने न्यू बिल्डिंग बायलॉज की सराहना करते हुए कहा कि नये नियम आम नागरिकों की जरूरतों को पूरा करते हैं। व्यापारियों ने चारबाग व नाका समेत अन्य इलाकों में पहले से बड़ी संख्या में बनें अवैध होटलों का शमन मानचित्र पास कराने की पेशकश करते हुए आवेदन की प्रक्रिया के बारे में सवाल पूछे। एलडीए अधिकारियों ने जवाब देते हुए उन्हें प्रक्रिया समझाई। जल्दी से जल्दी पैसा जमाकर शमन मानचित्र पास कराने को कहा।
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प्राधिकरण के अफसरों ने आज अपना तर्क देते हुए व्यापारियों को यह भी बताया कि नये नियमों का मकसद भवन निर्माण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाना है। नये नियमों के तहत बिल्डर छोटे भूखंडों पर नक्शा पास करा सकेंगे साथ ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से टाइम और लागत की बचत होगी। इसके साथ ही आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों की मंजूरी से व्यापारियों को कमाई का ज्यादा मौका मिलेगा। साथ ही अधिक निर्माण क्षेत्र और ऊंचाई की छूट से कम जमीन पर बड़े प्रोजेक्ट्स संभव होंगे।




















