आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विधानसभा के महत्वपूर्ण बजट सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सोमवार से शुरू हो रहे सत्र की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाना सुनिश्चित करना था।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने सभी दलों से प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करने और सदन के संचालन में सहयोग करने की अपील की। सरकार का प्रयास है कि बजट सत्र के दौरान सभी महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक बहस हो सके।
प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट 11 फरवरी को सदन के पटल पर रखेगी। सूत्रों के अनुसार, इस बार बजट का आकार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। यह करीब नौ लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 8.08 लाख करोड़ रुपये के बजट से काफी बड़ा होगा। बजट में सरकार का मुख्य ध्यान राज्य के समग्र विकास को गति देने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। विशेष रूप से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े ऐलान किए जा सकते हैं।
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माना जा रहा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान किए जाएंगे ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। सरकार का लक्ष्य विकास की गति को बनाए रखते हुए वित्तीय संतुलन और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना भी है। वहीं, विपक्ष ने भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है, जिससे सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं।




















