आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी की लाख चेतावनियों के बाद भी एलडीए के कई इंजीनियर व अधिकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहें। अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए वीसी की इंजीनियरों व कर्मियों पर कुछ महीनों से की जा रही कार्रवाईयों के क्रम के दौरान भी लखनऊ में अवैध निर्माण जारी है। इसकी पुष्टि आज प्रवर्तन की टीम द्वारा की गयी सीलिंग के बाद एक बार फिर हो गयी है।
जोन पांच के जानकीपुरम इलाके में एक-दो नहीं, बल्कि एक दर्जन अवैध डुप्लेक्स हाउस बनता रहा और इंजीनियर व जोनल अफसर आंख पर पट्टी बांधे बैठे रहे। भवनों में फीनिशिंग का काम होने के बाद आज एलडीए इंजीनियरों की टीम ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर दर्जनभर हाउस को सील करने के साथ ही फोटो शूट कराया तो खुद ही सवालों के घेरे में आ गए हैं।
जानें क्या है मामला-
एलडीए पीआरओ अनुभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रवर्तन जोन पांच की जोनल अधिकारी श्रद्धा चौधरी ने पीआरओ अनुभाग को बताया है कि राकेश मिश्रा व अन्य ने जानकीपुरम विस्तार के रसूलपुर कायस्थ में करीब 14,400 वर्ग फिट में 12-12 सौ वर्ग फिट के 12 डुप्लेक्स भवनों का अवैध निर्माण कराया था। एलडीए से बिना नक्शा पास कराए बने इन अवैध निर्माणों के खिलाफ विहित न्यायालय में वाद योजित कर सीलिंग का आदेश उन्होंने किया था। जिसके बाद आज सहायक अभियंता एनएन चौबे, जेई राजीव कुमार श्रीवास्तव, सुभाष शर्मा व संजय मिश्रा की टीम इन अवैध निर्माणों को सील कर दिया है।
नोटिस कब हुई बताना भूली मैडम! महीनों-सालों से जमे इंजीनियरों को भी नहीं पता
भले ही प्रवर्तन जोन पांच की टीम की मंशा व क्षमता पर सवालिया निशान लगाने वाले दर्जनभर अवैध भवनों को आज सील कर दिया गया है, लेकिन जोनल अधिकारी श्रद्धा चौधरी व क्षेत्रिय जेई सुभाष शर्मा व एई एनएन चौबे की भूमिका संदेह के घेरे में आ गयी है। पीआरओ अनुभाग के अनुसार अवैध भवनों के खिलाफ नोटिस और सीलिंग का आदेश कब किया गया, इस बारे में जोनल अधिकारी श्रद्धा चौधरी ने उन्हें जानकारी ही नहीं दी है।
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वहीं इसकी जानकारी के लिए श्रद्धा चौधरी के मोबाइल नंबर 9918001532 पर कॉल की गयी तो उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया, जबकि कई सालों बतौर जेई व वर्तमान में एई के रूप में जोन पांच में तैनात एनएन चौबे व क्षेत्रिय जेई सुभाष शर्मा भी यह नहीं बता सके कि अवैध भवनों के खिलाफ कितने महीने पहले नोटिस की गयी थी।
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हालांकि सूत्रों की माने तो राकेश मिश्रा द्वारा बनाए जा रहे इन अवैध भवनों के खिलाफ करीब नौ महीना पहले क्षेत्र में तैनात रहे जेई विपिन बिहारी राय ने नोटिस काटी थी, लेकिन मामले को न सिर्फ विहित प्राधिकारी के कोर्ट में तरीखों के खेल में उलझाकर लटकाए रखा गया, बल्कि इस बीच तैनात रहे इंजीनियरों ने भी मौके पर अवैध निर्माण नहीं रोका, जिसके चलते न सिर्फ पूरे दर्जनभर अवैध भवन बनकर तैयार हो गए, बल्कि उनकी फीनिशिंग का भी काम हो गया।
क्षेत्रिय लोगों ने भी उठाए सवाल
वहीं आज सीलिंग के लिए जानकीपुरम विस्तार पहुंची एलडीए की टीम को देखकर क्षेत्रिय लोगों ने भी सवाल उठाएं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अवैध भवनों का निर्माण साल भर से अधिक समय से चल रहा था, लेकिन एलडीए के इंजीनियर ने उन्हें नहीं रोका अब निर्माण पूरा होने के बाद सील कर दिया। यह सरासर जनता पर एकतरफ कार्रवाई है, एलडीए को अगर जनता के निर्माण सील करना आता है तो उसे अपने यहां बैठे ऐसे भ्रष्ट व लापरवाही इंजीनियर व अधिकारी को भी दंडित करना चाहिए जिनकी कारस्तानियों व संरक्षण के चलते अवैध निर्माण पूरे हो रहें हैं।
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पेट नहीं भरा तो…
मौके पर लोगों ने आज यह भी अंदेशा जताया कि एलडीए के इंजीनियर व अधिकारियों ने 12 अवैध भवनों के निर्माण दौरान हर महीने लाखों की वसूली की होगी और अब उससे भी पेट नहीं भरा तो भवन सील कर इसे खोलने के एवज में बड़ी डीलिंग की फिराक में लग जाएंगे।
पूर्व में भी कर चुके खेल, वीसी करा लें जांच
स्थानीय लोगों की मानें तो एलडीए के इंजीनियरों ने पूर्व में भी जानकारीपुरम में ऐसे ही खेल किए हैं, जिसकी वजह से कई अवैध बिल्डिंगें की न सिर्फ सील खुल गयी, बल्कि आवासीय प्लॉट पर बनी उन बिल्डिंगों में कॉमर्शियल गतिविधियां भी धड़ल्ले से चल रही है। एलडीए उपाध्यक्ष अगर इसकी किसी ईमानदार अफसर से जांच कराएं तो कई भ्रष्ट इंजीनियर व जोनल अफसरों की करतूत सामने आ जाएगी।
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एलडीए अवैध निर्माण पर लगातार कार्रवाई कर रहा, ऐसे में अगर कोई इंजीनियर व अधिकारी अवैध निर्माण को बढ़ावा देने में दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जनकीपुरम विस्तार के अवैध हाउसों पर कार्रवाई में किसके स्तर से लापरवाही की गयी इसकी भी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। पवन कुमार गंगवार, सचिव एलडीए