आरयू इंटरनेशनल डेस्क। वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंपों ने राजधानी को मलबे में तब्दील में तब्दील कर दिया। भूकंप के बाद घायल हुए लोगों का इलाज सड़क पर कराना पड़ा, क्योंकि ज्यादातर बड़े अस्पतालों की इमारतें भी मलबे में बदल चुकी हैं। देश के ज्यादातर हिस्सों में बिजली का कनेक्शन टूट चुका है। लोग अंधेरे में मलबे के बीच अपने परिवार वालों को ढूंढ रहे हैं।
60 सेकेंड के अंदर आए दो ताकतवर भूकंपों से राजधानी कराकस समेत कई शहर मलबे के ढेर में बदल गए। हालांकि, रेस्क्यू टीम्स मौके पर राहत-बचाव का काम कर रही हैं। वेनेजुएला में 126 साल बाद आए इस ताकतवर भूकंप में दस हजार से एक लाख मौतें होने की आशंका है। हालांकि कार्यवाहक राष्ट्रपति ने नेशनल इमरजेंसी घोषित की। मृत्यु के आंकड़े अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए।
डोमिनिकन गणराज्य के अधिकारियों ने भी अपने द्वीप क्षेत्र के लिए चेतावनी जारी की। हालांकि प्यूर्टो रिको के लिए पहले जारी किया गया अलर्ट बाद में वापस ले लिया गया। काराकस में भूकंप के झटकों से इमारतें हिलने लगीं तो लोग घबराकर बाहर निकल आए और लंबे समय तक खुले स्थानों पर रहे। इमारतों की पूरी-की-पूरी दीवारें ढह जाने के बाद कई लोगों के चेहरे पर दहशत साफ दिखाई दे रही थी। राजधानी के दो इलाकों में धूल के गुबार भी उठते दिखाई दिए। ये ऐसे व्यस्त क्षेत्र हैं, जहां आमतौर पर रेस्तरां और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों में काफी चहल-पहल रहती है।
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वेनेजुएला में बुधवार शाम, यानी भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह दो शक्तिशाली भूकंप आए। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के मुताबिक, इसमें दस हजार से ज्यादा लोगों की मौत की 44 प्रतिशत और 1,00,000 से ज्यादा मौत की 30 प्रतिशत आशंका है।
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