आरयू ब्यूरो,
लखनऊ। इंदिरानगर की तकरोही मार्केट में आज बदमाशों ने आभूषणों की एक दुकान से मात्र सात सेकेंड में ही साढ़े पांच लाख के गहने पार कर दिए। वहीं घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरें में कैद हो गयी है। पुलिस मुकदमा दर्ज करने के साथ ही फुटेज के आधार पर बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
तकरोही गांव निवासी अरविंद पाल की तकरोही मार्केट में शगुन ज्वेलर्स के नाम से आभूषणों की दुकान है। अरविंद ने बताया कि आज सुबह घर से बैग में गहने लेकर वह करीब दस बजे वह दुकान खोलने कार से पहुंचे थे। कार में ही गहने लॉक कर उन्होंने दुकान खोलने के साथ ही करीब आधे घंटे दुकान की सफाई की।
सफाई के बाद कार से गहने निकालकर अरविंद पाल ने दुकान में रख दिए। इसी बीच उन्हें हाथ धोने का ख्याल आया जिसके बाद वह बगल की दुकान में हाथ धोने चले गए। कुछ पल बाद ही वापस लौटे तो दुकान से गहनों से भरा बैग गायब देख उनके पैरों तले जमीन निकल गयी।

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दुकान में लगे सीसीटीवी के फुटेज देखने पर पता चला कि उनके दुकान से निकलते ही एक युवक दुकान में घुसा था। जिसके बाद वह बैग लेकर पीछे से बिना नंबर की पल्सर बाइक लेकर आए अपने साथी के साथ भाग निकला। बैग उठाने वाले का चेहरा सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया है, जबकि पल्सर चला रहे युवक के हेल्मेट लगाए होने की वजह से उसका चेहरा फुटेज में नहीं आ सका।
कुछ इस तरह हुई वारदात
दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि अरविंद पाल दुकान से दस बजकर 42 मिनट व 25 सेकेंड पर पड़ोसी की दुकान में हाथ धोने जाने के लिए निकल रहे हैं। जबकि उनके निकलते ही पहले से घात लगाए हुआ बदमाश वहां पहुंचता है और उनको देखने के बाद दस बजकर 42 मिनट व 45 सेकेंड पर दुकान में प्रवेश कर जाता है।
मात्र सात सेकेंड बाद बदमाश दुकान से गहनों से भरा बैग लेकर बाहर निकलता है और पीछे से बाइक लेकर आएं अपने साथी के साथ भाग जाता है। इसके अगले ही मिनट अरविंद वहां पहुंचते है और जूता उतारकर दुकान में प्रवेश करते है, जिसके बाद उन्हें घटना की जानकारी होती है।
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वहीं अरविंद पाल से जानकारी पाकर मौके पर पहुंची इंदिरानगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेने के साथ ही छानबीन शुरू कर दी है। पीडि़त के अनुसार बैग में सौ ग्राम सोने के जेवरात के अलावा, साढ़े पांच किलो चांदी के भी गहने थे। बदमाशों के हाथ लगे जेवरात की कीमत करीब साढ़े पांच लाख रुपए है।
चोरी के डर से घर ले जाते थे गहने, हो गयी टप्पेबाजी
अरविंद पाल ने बताया कि दुकान में गहनों के सुरक्षित नहीं लगने की वजह से ही वह रोज ही दुकान के आभूषण घर ले जाते थे। अगले दिन सुबह वह उन्हीं गहनों को अपनी कार से लेकर दुकान खोलने पहुंचते थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि चोरों से गहने बचाने के लिए लगाए गए उपाय के बीच टप्पेबाज इतनी तेजी से अपना काम कर जाएंगे।
पुलिस मुकदमा दर्ज करने के साथ ही, सीसीटीवी फुटेज के आधार के आलावा अन्य माध्यमों से भी बदमाशों का पता लगा रही है। हरेंद्र कुमार, एएसपीटीजी