‘विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई कर पर्यावरण से हो रहा खिलवाड़, लोगों को भुगतान पड़ रहा खामियाज: सुप्रिया सुले

सांसद सुप्रिया सुले

आरयू वेब टीम। महाराष्ट्र में भारी बारिश, भूस्खलन, बुनियादी ढांचे की स्थिति और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने भाजपा सरकार और संबंधित एजेंसियों को निशाने पर लिया। साथ ही आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दौरान पेड़ों की कटाई,  पर्यावरण की अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

एनसीपी सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन इन परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी गई। विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई हो रही है और कई स्थानों पर लोगों की जान भी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले का ऑडिट कराने और राज्य की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

वहीं  हाल ही में भारी बारिश के बीच भूस्खलन और अन्य घटनाओं में हुई मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए सुले ने कहा कि राज्य का बुनियादी ढांचा चरमरा गया है। उनके मुताबिक पुणे और मुंबई जैसे देश के प्रमुख शहरों में इस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर का विफल होना गंभीर चिंता का विषय है। इन सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर भी सांसद सुले ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक देश के धार्मिक स्थल करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और यदि ऐसे पवित्र स्थलों पर भ्रष्टाचार हुआ है तो ये बेहद शर्मनाक है। उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।

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इससे पहले सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्टकर कहा कि, “अभी मुंबई-पुणे और कई अन्य इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इस वजह से इन शहरों के कई हिस्सों में रोजमर्रा की जिदगी पर असर पड़ा है। ट्रैफिक जाम लगा हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि जहां भी मुमकिन हो, वहां कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) की इजाजत दी जाए।”

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