दिव्यांगजनों के अधिकारों व सशक्तिकरण के लिए योगी सरकार प्रतिबद्ध: नरेन्द्र कश्यप

नरेन्‍द्र कश्‍यप
बैठक को संबोधित करते नरेन्‍द्र कश्‍यप।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में योजना भवन स्थित सभाकक्ष में दिव्यांगता पर गठित राज्य सलाहकार बोर्ड की सातवीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, विधायकों एवं बोर्ड के सदस्यों द्वारा दिव्यांगजनों के हित में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर गहन विचार-विमर्श करते हुए नीतिगत निर्णय लिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों व सशक्तिकरण को लेकर योगी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, आत्मनिर्भर और बाधारहित जीवन प्रदान करने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने  निर्देश दिए कि केंद्र व प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक समयबद्ध, निष्पक्ष और बिना किसी बाधा के पहुंचाया जाए।

पेंशन में किसी तरह की देर या लापरवाही स्वीकार्य नहीं

मंत्री कश्यप ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 11 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को 1000 रुपये प्रतिमाह, अर्थात 12,000 रुपये वार्षिक भरण-पोषण पेंशन प्रदान की जा रही है, जबकि वर्ष 2017 से पूर्व यह राशि मात्र 300 रुपये प्रतिमाह थी। उन्होंने कहा कि पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में दिव्यांगजनों के निःशुल्क आवागमन, रोडवेज बसों में आरक्षित सीटों के पालन, कॉक्लियर इम्प्लांट के उपरांत उसके रख-रखाव, तथा दिव्यांगजनों की वास्तविक स्थिति के आकलन हेतु एक समग्र डेटा प्रणाली विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

राज्‍य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है, जिससे दिव्यांगजनों को उपचार, उपकरण मरम्मत और परामर्श की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।

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बैठक में आज नगर विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रदेश के सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों, पार्कों, शौचालयों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए पूर्णतः बाधारहित बनाया जाए।

परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि रोडवेज बसों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा शासनादेश के अनुसार चार आरक्षित सीटों का अनिवार्य पालन हो। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को सभी विभागीय वेबसाइटों को सुगम्य भारत अभियान के मानकों के अनुरूप दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभागों को दिव्यांग बच्चों के सर्वेक्षण, विशेष शिक्षकों की उपलब्धता तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में रैम्प, लिफ्ट एवं बाधारहित शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही राज्याधीन सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण के प्रभावी अनुपालन पर भी जोर दिया गया।

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अंत में नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांगजन योजनाओं, सुविधाओं और अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने सभी विभागों को राज्य सलाहकार बोर्ड के निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश को दिव्यांगजन-सशक्त राज्य बनाया जाएगा। बैठक में विधायक धु्रव त्रिपाठी, रामवीर सिंह एवं देवेंद्र प्रताप सहित राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण की उपस्थिति रही। इसके अलावा प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा, विशेष सचिव अमर नाथ उपाध्याय, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा सहित विभागीय एवं अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।