आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार ने छुट्टा गोवंश के रखने व खाने के लिए एक अरब 25 करोड़ रूपये वर्तमान वित्तीय वर्ष में मंजूर किए हैं। इस पैसे को अस्थाई गोवंश आश्रय की स्थापना, संचालन व संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण के लिए खर्च किया जाएगा।
आवंटित रकम का इस्तेमाल हर एक छुट्टा पशु के लिए प्रतिदिन 50 रूपये के हिसाब से होगा। इस बारे में पशुधन विभागने शासनादेश जारी करते हुए निदेशक, प्रशासन विकास पशुपालन विभाग को अस्थाई गोवंश आश्रय के सुचारू संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं।
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गौरतलब है कि योगी सरकार अवारा व बेसहारा पशुओं और उनसे होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए यूपी के ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों यथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निकायों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन नीति बनाई है।
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इस योजना के तहत संरक्षित छुट्टा गोवंश की देखभाल का कार्य किया जाता है, हालांकि इसके बाद भी आए दिन अधिकारियों की लापरवाही व भ्रष्टाचार के चलते गौशलाओं की दुर्दशा व गौवंश की दर्दनाक स्थिति को उजागर करने वाले वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहतें हैं।
जनता की जा रही जान, विपक्ष भी उठाता है सवाल
इसके अलावा यूपी में लगातार अवारा पशुओं की वजह से जनता की जान जाने की खबरें भी सामने आ रहीं हैं। इसको लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव व विपक्षी दलों के अन्य नेता भी योगी सरकार निशाना साधते रहते हैं।




















