आरयू ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को ‘जुगाड़ आयोग’ करार दिया है। साथ ही सवाल उठाया कि वह एआइ से सवा करोड़ का अपना घपला पकड़ सकता है तो फिर वह सपा के 17 हजार से अधिक शपथ पत्रों का जवाब क्यों नहीं दे रहा है।
सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए अपने आधिकारिक “एक्स” अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा “जब ‘जुगाड़ आयोग’ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से सवा करोड़ रुपये का अपना घपला पकड़ सकता है तो फिर हमारे द्वारा दिये गये 18,000 में से केवल 14 हलफनामों (शपथ पत्र) का जवाब देने के बाद बचे 17986 हलफनामों का जवाब क्यों नहीं दे रहा है?’’
इस पोस्ट में यूपी के पूर्व सीएम ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि एआइ के जरिए पंचायत चुनाव के मद्देनजर सवा करोड़ मतदाता कम किए गए हैं। इसमें यह भी दावा किया गया है कि एआइ के जरिए अलग-अलग गांवों में डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान हुई है जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा पिछले माह एक प्रेसवार्ता में ‘वोट चोरी’ और अन्य अनियमितताओं के विपक्ष के आरोपों को गलत बताया गया था।
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यूपी के पूर्व सीएम ने ‘एक्स’ पर एक अन्य संदेश में कहा था कि सपा ने ‘वोट डकैती’ के संबंध में 18 हजार शपथ पत्र आयोग को दिये थे, लेकिन कार्रवाई शून्य है। बाद में सपा मुखिया ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था भाजपा, चुनाव आयोग, जिलाधिकारी की तिकड़ी अभी तक हमारे द्वारा दिए गए 18 हजार हलफनामों में से सिर्फ 14 का ही जवाब दे पाई है।
वहीं अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर सोमवार को एक अन्य पोस्ट में कहा “भाजपा ने जब से विश्वविद्यालयों का ‘संगी-साथीकरण’ किया है तब से विश्वविद्यालय प्रशासन की भेदकारी व पक्षपाती राजनीति का छात्रों की पढ़ाई और उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। भाजपा जाए तो शिक्षा आए!”




















