आरयू वेब टीम। महाराष्ट्र कांग्रेस ने बुधवार को अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने वाले अपने सभी 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। साथ ही, ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारिणी को भी बर्खास्त कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
ठाणे जिले के अंबरनाथ कस्बे में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)के साथ चुनाव के बाद समझौता किया था और बहुमत के जादुई आंकड़े 31 सीट को प्राप्त करने में सफल हुई। हालांकि, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 27 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले अपने 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारिणी भी बर्खास्त कर दी गई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि किसी भी स्तर पर भाजपा के साथ गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इससे पहले कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा था कि अलग-अलग पार्टियां शिवसेना के ‘भ्रष्टाचार’ के खिलाफ साथ आई हैं।
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महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के उपाध्यक्ष गणेश पाटिल ने अंबरनाथ कांग्रेस के ब्लॉक प्रेसिडेंट प्रदीप पाटिल को एक पत्र लिखा है। जिसमें है, “हमने कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा और 12 सीटें जीतीं, लेकिन राज्य नेतृत्व या राज्य कार्यालय को बिना बताए, आपने भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया और ये बात हमें मीडिया सोर्स से पता चली है। यह अच्छी बात नहीं है, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देशानुसार, आपको पार्टी से निलंबित किया जा रहा है।”




















