क्या पंडित हैं अवसरवादी?, UP दारोगा भर्ती में पूछे सवाल पर विवाद, ब्रजेश पाठक बोले, कराएंगे जांच

दरोगा भर्ती

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी में शनिवार से शुरू हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के एक सवाल ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। एग्जाम में पूछा गया सवाल ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला कौन? और इसके उत्तर विकल्प में ‘पंडित’ शब्द शामिल होने से पंडित समुदाय की भावनाएं आहत हो गईं। भाजपा और कांग्रेस सहित कई नेताओं ने इस सवाल को लेकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। इस विवाद पर अब यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने रिएक्शन दिया है। साथ ही कहा कि इस सवाल पर कड़ी आपत्ति है और सरकार ने गंभीरता से मामले का संज्ञान लिया है।

डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया एक्सपर पोस्टकर कहा कि ‘उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमें कड़ी आपत्ति है। सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। मैं साफ कहना चाहता हूं कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए।

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साथ ही कहा कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

दरअसल कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने इस सवाल को पंडित समुदाय को अवसरवादी बताने से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवादी मानसिकता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘योगी आदित्यनाथ जातिवादी मानसिकता से ग्रसित होकर ब्राह्मणों से नफरत कर निशाना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री जी आपको ब्राह्मण समाज से इतनी नफरत क्यों है? सनातन धर्म के शीर्ष संत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को अपमानित किया गया, उनके बटुक शिष्यों को पिटवाया गया और अब प्रतियोगी परीक्षा में पंडित को अवसरवादी बताया गया। यह बीजेपी योगी सरकार का ब्राह्मण से घृणा करने वाला चेहरा है।

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