आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 37 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है, जबकि दो प्रस्तावों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। बैठक में सरकार ने आगामी रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं खरीद की नीति स्पष्ट कर दी है, जिससे अन्नदाताओं की आय में सीधा इजाफा होगा। इसके साथ ही अब लैंड यूज चेंज कराना भी काफी आसान हो गया है। इससे जहां व्यापारियों को आसानी होगी वहीं आम लोगों को दिक्कत बढ़ सकती है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कैबिनेट बैठक के बाद किसानों से जुड़े फैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि
इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। ये पिछले साल की तुलना में 160 रुपए प्रति क्विंटल ज्यादा है। बड़ी राहत की बात यह है कि किसानों को अब केवल एमएसपी ही नहीं मिलेगा, बल्कि गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए सरकार की ओर से 20 रुपये प्रति कुंतल का अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। इसका मतलब है कि किसानों के खातों में प्रति कुंतल अधिक राशि भेजी जाएगी।
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वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सीजन में 30 लाख टन गेहूं खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य रखा है, हालांकि अधिकारियों का अनुमान है कि ये आंकड़ा 50 लाख टन तक पहुंच सकता है। गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। कैबिनेट बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों के माध्यम से किया जाएगा।
इन प्रस्तावों को मिली हरि झंडी
• इस साल गेंहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585/क्विंटल भारत सरकार द्वारा निर्धारित।
• गत वर्ष की तुलना में 160 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक खरीद की जाएगी,राज्य के अंदर आठ क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद की जाएगी,6500 क्रय केंद्र सभी 75 जनपदों में चलेंगे। एफसीआई,यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड,एनसीसीएफ के माध्यम से खरीद की जाएंगी।
• राजस्व संहिता में बड़ा बदलाव, नक्शा पास होते ही माना जाएगा लैंड यूज परिवर्तन।
• कैबिनेट ने धारा-80 संशोधन अध्यादेश 2026 को दी मंजूरी।
• दोहरी प्रक्रिया खत्म, निवेश और उद्योग स्थापना को मिलेगी रफ्तार।
• परंपरागत ऊर्जा में घाटमपुर पॉवर प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट लगाने का प्रावधान था, दो यूनिट प्रारंभ हो चुकी है, तीसरी जल्द शुरू होने वाली है।
• इस प्लांट के लिए 2016 में भारत सरकार द्वारा झारखंड के दुमका में पछवारा कोल माइन एलॉट किया गया था।
• इस कोल माइन के विकास के खर्च के लिए 2242.90 करोड़ राशि को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है।
• घाटमपुर पॉवर प्लांट भारत सरकार व प्रदेश सरकार का संयुक्त उपक्रम।
• अयोध्या के बाद गोरखपुर शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने हेतु चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का “फ्लोटिंग सोलर प्लांट” लगाने के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा मंजूरी।
• उत्तरप्रदेश में दो फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं,जनपद औरैया में एनटीपीसी द्वारा 20 मेगावाट का, और खुर्जा में टीएचडीसी ने 11 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया गया है।
• गोरखपुर के फ्लोटिंग सोलर प्लांट को कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क को मंजूरी, 174 एकड़ में विकसित होगा मेगा प्रोजेक्ट
• 1000 करोड़ रुपये निवेश वाली परियोजनाओं को मिलेगा प्रोत्साहन, भूखंड आवंटन के लिए अपनाया जाएगा ई-नीलामी मॉडल।
• सरकारी या औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लीज पर आवंटित भूमि पर मिलेगी 30 प्रतिशत फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी।
• गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी, चिलुआताल में 20 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट को मिली मंजूरी।
• चिलुआताल में प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर प्लांट के लिए करीब 80 एकड़ जल क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा।
• परियोजना के लिए कोल इंडिया लि. को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी पर्यटन विभाग की 28 एकड़ भूमि।
• लखनऊ में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को भी मिली आज कैबिनेट मंजूरी, कन्वेंशन सेंटर, हेरिटेज संरक्षण और फ्लाईओवर निर्माण से मिलेगी नई पहचान।
• इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के लिए पुनरीक्षित लागत को कैबिनेट स्वीकृति, लखनऊ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन स्थल।
• रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को पर्यटन की दृष्ट से किया जाएगा विकसित, दुबग्गा चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण को कैबिनेट मंजूरी।




















