आरयू वेब टीम। भारत के प्रख्यात फोटो जर्नलिस्ट रघु राय का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके परिवार ने रविवार को आधिकारिक सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी पुष्टि की। रघु राय के निधन की खबर से कला और मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
रघु राय के बेटे और फोटोग्राफर नितिन राय के अनुसार, उन्हें दो वर्ष पहले प्रोस्टेट कैंसर का पता चला था, जिसका इलाज हो गया था। बाद में यह बीमारी पेट और फिर मस्तिष्क तक फैल गई, जिसके चलते उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। रघु राय अपने पीछे पत्नी गुरमीत, बेटे नितिन और बेटियों लगन, अवनि और पूर्वी को छोड़ गए हैं।
छह दशकों से अधिक लंबे करियर में रघु राय के कैमरे ने भारत की राजनीति, पीड़ा, जिजीविषा और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से दर्ज किया। उनकी तस्वीरें केवल घटनाओं का दस्तावेज नहीं थीं, बल्कि उन्होंने देश को देखने का नजरिया भी गढ़ा।
उनकी सबसे चर्चित कृतियों में भोपाल गैस त्रासदी की मार्मिक तस्वीरें शामिल हैं। विशेष रूप से एक बच्चे की तस्वीर, जो मलबे में आधा दबा हुआ था, इस त्रासदी का वैश्विक प्रतीक बन गई और दुनिया का ध्यान इस आपदा की भयावहता की ओर खींचा। राय ने अपने कैमरे से 20वीं सदी की कई प्रभावशाली हस्तियों के जीवन के अनमोल क्षण भी कैद किए। इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा जैसे व्यक्तित्वों की उनकी तस्वीरें आज भी ऐतिहासिक दस्तावेज मानी जाती हैं। मदर टेरेसा के जीवन पर उनकी पुस्तक सेंट मदर विशेष रूप से चर्चित रही।
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अविभाजित पंजाब (अब पाकिस्तान) के झंग में जन्मे रघु राय ने 1962 में ‘द स्टेट्समैन’ से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फोटो जर्नलिज्म को नई पहचान दिलाई। उनकी तस्वीरें टाइम्स, लाइफ, द न्यूयार्क टाइम्स और न्यूजवीक जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में प्रकाशित हुईं। युद्ध, चुनाव, आपदाएं, सड़क जीवन और आध्यात्मिकता हर विषय पर उनकी दृष्टि ने दुनिया को भारत का एक संवेदनशील और गहरा चित्र दिखाया।




















