आरयू वेब टीम। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन डब्ल्यूएचओ ने इबोला वायरस को लेकर जरूरी जानकारियां दी हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, रविवार को कांगो और युगांडा में इबोला को महामारी घोषित करते हुए पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की गई है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी वायरस को लेकर बिना कमेटी के ही उसे हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं इबोला वायरस को लेकर भारत में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इबोला वायरस के प्रकोप को देखते हुए खास एडवाइजरी जारी की है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली एयरपोर्ट के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए एक नोटिस शेयर किया है। इस नोटिस में स्पष्ट है कि जो भी पैसेंजर दूसरे अफ्रीकी देशों जैसे कि युगांडा, कांगो और साउथ सुडान से आ रहे हैं। वे सभी यात्री हवाई अड्डे पर स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपायों में सहयोग करें। यदि कोई व्यक्ति यात्रा के अगले 21 दिनों में इबोला का संक्रमण महसूस करता है तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें।
WHO ने उठाया बड़ा कदम
ये कदम इटंरनेशनल हेल्थ रूल्स के अनुच्छेद 12 के तहत प्रभावित देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों से सलाह करने के बाद लिया गया है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि संक्रमण और अधिक फैलने की आशंका है। अभी तक 500 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 130 लोगों की मौत हो चुकी है। माना जा रहा है कि संक्रमितों और मृत्यदर बढ़ सकती हैं। कई स्वास्थ्यकर्मियों की मौत की भी जानकारी मिल रही है।
इबोला वायरस के लक्षण
बुखार
उल्टी
थकान और घबराहट
मांसपेशियों में दर्द
दस्त
गले में खराश
ब्लीडिंग होना।
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बता दें कि इबोला एक खतरनाक वायरस है। ये बीमारी जानलेवा मानी जाती है। ये वायरस एक संक्रमित से दूसरे में आसानी से पहुंच जाता है। इसमें इंफेक्टेड व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों जैसे की खून, उल्टी, पसीना और स्पर्म के संपर्क में आने से व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। वहीं डब्ल्यूएचओ ने बताया कि इस बार इबोला संक्रमण बंडिबुग्यो वायरस के कारण फैला है, जो एक इबोला प्रजाती है। इसके लिए कोई उपचार और वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
कितना खतरनाक है इबोला?
इबोला एक हेमोरेजिक फीवर होता है। इसकी मृत्यु दर औसतन 50 प्रतिशत तक बताई जाती है। इस बार बंडीबुग्यो वायरस से फैला इबोला एक दुर्लभ प्रकार का इबोला है। इसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। इलाज नहीं होने की वजह से ही इसे ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है।




















