आरयू ब्यूरो, लखनऊ। नीट परीक्षा लीक और बढ़ती महंगाई के विरोध में हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी, छात्र सभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने हाथों में सरकार विरोधी पोस्टर और बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने विरोध को रोकने की कोशिश की तो सपा कार्यकर्ताओं से बहस और धक्का-मुक्की हुई। जिसके बाद सपा कार्यकर्ता पुलिसबस की छत पर चढ़ गए। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें सड़क पर घसीटा, जिससे उनके कपड़े फट गए और हाथ छिल गए। इस मौके पर समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव ने बताया कि भाजपा सरकार में लगातार महंगाई, बेरोजगारी और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी होती जा रही हैं।
साथ ही कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्तियों समेत कई भर्ती लंबित हैं, लेकिन सरकार ओबीसी वर्ग के हक को लागू नहीं कर रही और उन्हें जॉइनिंग नहीं दे रही। वहीं अखिलेश द्वारा उठाए गए मुद्दों के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ही जाति के तीन लोगों को तीन विश्वविद्यालयों का कुलपति नियुक्त किया।
राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि नीट एग्जाम के पेपर लीक और लगातार बढ़ती महंगाई के विरोध में आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में लगातार हत्याएं और बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस ने जबरन कार्यकर्ताओं को बसों में भरकर ले जाने का काम किया। साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता ने कहा कि नीट पेपर लीक से 22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
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आगे कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों से मिलने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 70-80 से ज्यादा परीक्षा पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है। उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई और बेरोजगारी पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है और इसे इस्तीफा देना चाहिए।प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर विरोध जताया और न्याय व उचित कार्रवाई की मांग की।



















