आरयू वेब टीम। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी और संसद से इस्तीफा दे दिया। तृणमूल कांग्रेस को सोमवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी जहां दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने पहुंचीं, वहीं दूसरी ओर टीएमसी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी और संसद दोनों से इस्तीफा दे दिया है।
सुखेंदु शेखर ने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति को सौंपा और बाद में इसकी कॉपी ममता बनर्जी को भेज दी। इस कदम से बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। सुखेंदु शेखर राय लंबे समय से पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते रहे हैं। उनके इस्तीफे को टीएमसी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। चुनावी नतीजों का दिया हवाला अपने इस्तीफे में सुखेंदु शेखर राय ने हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों का जिक्र कर कहा कि जनता ने टीएमसी की नीतियों और कामकाज पर भरोसा नहीं जताया। उनके अनुसार भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लोगों में नाराजगी थी।
टीएमसी राज्यसभा सांसद ने कहा कि जनता के फैसले का सम्मान करते हुए उन्होंने पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला लिया है। दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल सुखेंदु शेखर राय के इस्तीफे का समय भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिस दिन विपक्षी दलों की बैठक हो रही थी, उसी दिन ये खबर सामने आई। इससे टीएमसी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी के शीर्ष नेता राष्ट्रीय राजनीति में एक्टिव थे, लेकिन इसी बीच पार्टी के एक वरिष्ठ चेहरे के इस्तीफे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
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बता दें कि, सुखेंदु शेखर राय पहले भी अपनी ही पार्टी के कुछ फैसलों पर सवाल उठा चुके हैं। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामले में उन्होंने प्रशासन और पार्टी नेतृत्व के रवैये की आलोचना की थी। उन्होंने जांच प्रक्रिया और कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई थी। उनके इस्तीफे के बाद अब बंगाल की राजनीति में आगे क्या बदलाव होंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।




















