आरयू वेब टीम। अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत पांच देशों पर सौ प्रतिशत तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इस बिल को लेकर अब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेर लिया है। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी ने देश को अमेरिका के हाथों बेच दिया है। मोदी सरकार से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और देश के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस मुद्दे को लेकर केंद्र की विदेश और आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत के व्यापारिक हितों और अर्थव्यवस्था पर असर डालने वाले ऐसे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और देश के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
आप संयोजक ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के कारण भारत के हित प्रभावित हो रहे हैं। अपने पोस्ट में केजरीवाल ने कहा, “देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने के बाद, ट्रंप की ग़ुलामी करने के बाद और भारत का अपमान करवाने के बाद पीएम मोदी देश के लिए ये लाए हैं। आज देश के हर छोटे-बड़े निर्णय में ट्रंप का हस्तक्षेप है।
साथ ही कहा कि पीएम मोदी ट्रंप की हर बात मानते हैं, चाहे सही हो या गलत और ट्रंप हर क्षेत्र में भारत के खिलाफ निर्णय लेता है।” केजरीवाल ने दावा किया कि अमेरिकी सीनेट के इस फैसले से केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि देशहित से जुड़े मामलों में सरकार को स्पष्ट और प्रभावी रणनीति अपनानी चाहिए।
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बता दें कि अमेरिकी सीनेट ने रूस तथा उसके पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख खरीदार देशों पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से लाए गए एक महत्वपूर्ण विधेयक को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। विधेयक के समर्थकों का दावा है कि रूस के साथ जारी ऊर्जा व्यापार से यूक्रेन युद्ध को आर्थिक समर्थन मिल रहा है, इसलिए ऐसे देशों पर अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।
‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक इस विधेयक को अमेरिकी सीनेट ने 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित किया। विधेयक के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस का सर्वाधिक आयात करने वाले पांच देशों से आने वाले सामान पर सौ प्रतिशत तक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का अधिकार दिया जाएगा।




















