आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा उम्मीदवारों को करोड़ों में टिकट बेचने का वीडियो सामने आने के बाद भूचाल आ गया है। मीडिया हाउस के खुफिया कैमरे में कैद हुई इस घटना पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को मायावती ने आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा को बदनाम करने के लिए विरोधी दल और मीडिया का एक वर्ग सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचार कर रहा है। चुनाव नजदीक आते ही ऐसी गतिविधियां बढ़ जाती हैं जिनका मकसद बसपा के बढ़ते जनाधार और संगठनात्मक मजबूती को नुकसान पहुंचाना होता है।
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मायावती ने आज इस मामले में सफाई देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सर्वविदित है कि बीएसपी देश में ’बहुजन समाज’ व अपरकास्ट समाज के गरीब शोषित-पीड़ित व उपेक्षितों द्वारा, उनके संवैधानिक हक व न्याय आदि के लिये परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बताये रास्तों पर चलने वाली ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सच्ची व ईमानदार अंबेडकरवादी पार्टी है।
बसपा को बदनाम करने को अपना रहे हथकंडे
मायावती ने आज यह भी दावा किया कि बसपा दूसरी पार्टियों की तरह बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के सहारे और उनके इशारे पर नहीं चलती है बल्कि अपने लोगों के ही तन, मन और धन के बलबूते पर चलती है। जो स्वाभाविक तौर पर संकीर्ण जातिवादी, साम्प्रदायिक व पूंजीवादी ताकतों को ये फुटी कौड़ी नहीं सुहाता है और इसी लिये वे समय-समय पर और खासकर चुनाव के नजदीक आने पर किस्म-किस्म के हथकंडे इस्तेमाल करके बीएसपी पार्टी व मूवमेन्ट को तथा उसके आयरनलेडी नेतृत्व को भी बदनाम करने में लगे रहते हैं।
आर्थिक सहयोग को कानूनी तौर से करतें हैं ज्यादातर खर्च
वहीं मीडिया को निशाने पर लेते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि मीडिया के एक वर्ग द्वारा दूसरी पार्टियों की चुनावी जुगाड़ आदि पर से लोगों का ध्यान बांटने तथा उन पर पर्दा डालने के लिये बीएसपी पार्टी उम्मीदवार के चयन को लेकर सवालिया निशान खड़े करते रहते हैं, जबकि बीएसपी को जो भी आर्थिक सहयोग हासिल होता है वह पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने पर ही कानूनी तौर से ज्यादातर खर्च कर दिया जाता है, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है। फिर भी उसको लेकर षडयंत्र के तहत् गुमराह करने वाली तरह-तरह की गलत बातें व अफवाहें आदि फैलाना मीडिया को शोभा नहीं देता है।
बसपा के प्रति वफादारी व टिकाऊपन…
साथ ही कहा कि सर्वविदित है कि केवल बसपा यूपी स्टेट यूनिट के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ही नहीं बल्कि पार्टी के अन्य सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता गण भी इस समय बसपा की मजबूती और जनाधार को सर्व समाज में बढ़ाने के साथ आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव हेतु पार्टी उम्मीदवारों की संभावित सूची बनाने तथा उनकी ठोस स्क्रीनिग करने आदि में लगे हुए हैं और बसपा की उम्मीदवारी को लेकर उनसे मिलने वालों से अन्य बातों के अलावा उनकी सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हैसियत के साथ ही उनके बसपा के प्रति वफादारी व टिकाऊपन आदि को भांपने के लिये कोर्ट में जिरह की तरह, उनसे तरह-तरह के सवाल-जवाब भी करते रहते हैं, जिसकी गहराई में गये बिना ही उसे उसके पूरे फेस वैल्यू पर अन्यथा लेना उचित नहीं है।
प्रायोजित षडयंत्र का शिकार होकर गुमराह ना हों
वहीं बसपा मुखिया ने कहा कि मीडिया से भी अनुरोध है तथा बसपा के लोगों से भी अपील है कि वे विरेाधी पार्टियों के ऐसे प्रायोजित किसी भी षडयंत्र का शिकार होकर गुमराह ना हों बल्कि अपने मिशन 2027 के लक्ष्य में पूरे जी-जान से लगे रहें, जिस बसपा जिंदाबाद की आपकी जबरदस्त तैयारी को देखकर ही विरोधियों की नींद काफी उड़ी हुई है।



















