आरयू ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की सपा के टूटने वाले बयान पर पलटवार किया है। साथ ही कहा कि केशव मौर्या जिस पार्टी और सरकार में हैं, उसी में उनका सम्मान नहीं है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने शिवपाल यादव ने आज कहा कि वह अपने जीतने के लिए समीकरण नहीं बैठा पा रहे हैं, इसलिए वे बयानबाजी कर रहे हैं।
शिवपाल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आप केशव प्रसाद मौर्या की बात कर रहे हैं, जो उपमुख्यमंत्री हैं। वह अपने जीतने के लिए समीकरण नहीं बैठा पा रहे हैं। सपा ने उन्हें कई चुनावों में हराया है। इसलिए, जब वह ऐसे बयान देते हैं, तो इससे यही पता चलता है कि ये लोग झूठ बोलते हैं।” साथ ही शिवपाल ने कहा कि जब ये अपनी सीट भी नहीं जीत पाते हैं तो कुछ नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा, “भगवान राम के मंदिर पर कितनी बड़ी चोरी हुई है। जब भगवान राम को नहीं छोड़ सकते हैं, तो इनसे बड़ा अधर्मी कौन होगा। ये सभी लोग अधर्मी हैं।”
वहीं सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “केशव मौर्या जिस पार्टी और सरकार में हैं, उसी में उनका सम्मान नहीं है। जिन इलाकों में चुनाव हुए हैं, वहां के लोगों का उन पर से भरोसा उठ गया है। अगले पांच-छह महीनों में शायद नवंबर या दिसंबर में चुनाव होने की संभावना है। कुछ लोग डरे हुए और परेशान हैं कि आने वाले दिनों में वे क्या करेंगे। वे जो बयान दे रहे हैं, वह उसी डर का नतीजा है।”
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एक मौसमी माननीय हैं तो एक स्टूल…
इस दौरान सपा सांसद राजीव राय ने भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “वे बड़े उछल-कूद मचाए थे कि मंत्रिमंडल के फेरबदल में बाबा कुछ ढंग का मंत्रालय दे दें। कभी दोनों मंत्रियों (केशव प्रसाद मौर्य और ओपी राजभर) के कामों की चर्चा सुनते हैं? एक मौसमी माननीय हैं तो एक स्टूल माननीय मंत्री हैं, जो बौखलाहट और बदहवासी में कुछ भी बोले जा रहे हैं। मौसमी माननीय सोच रहे हैं कि कोई सीट मिल जाएगी और बच्चों को चुनाव लड़ा दें। इन्हें (मौर्य) यह है कि इनका स्टूल न खींच लिया जाए। ऐसे लोगों पर तरस खाना चाहिए। उनके प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए।”
गौरतलब है कि केशव मौर्या ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर हमला बोला था। उन्होंने अपने बयान में कहा, “बिहार और पश्चिम बंगाल में कमल खिलने के बाद सैफई वालों (अखिलेश यादव परिवार) के हाल-बेहाल हैं। मैं भविष्यवाणी कर सकता हूं कि 2027 में समाजवादी पार्टी का बुरा हश्र होगा।”




















