आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और छात्रों के निष्कासन के विरोध में 22 दिनों से छात्रों का धरने पर बैठे हैं। इस बीच बुधवार को धरना दे रहे एक छात्र की अचानक हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गया। इस दौरान छात्रों को कैंपस की एंबुलेंस नहीं मिली। बेहोशी की हालत में किसी तरह साथी छात्रों ने उन्हें तत्काल बलरामपुर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल छात्र की हालत स्थिर है।
छात्रों का आरोप है कि घटना के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई मदद तो दूर की बात है, जबकि एंबुलेंस तक देने से साफ इंकार कर दिया गया। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन का क्रूर चेहरा सबके सामने आ गया। छात्रों का कहना है कि धरने में शामिल छात्र प्रेम प्रकाश को अस्पताल ले जाने के लिए उन्हें खुद व्यवस्था करनी पड़ी, जबकि कैंपस में दो एंबुलेंस खड़ी रही थीं। वहीं, इस घटना के बाद परिसर में छात्रों के बीच चिंता के साथ ही भारी आक्रोश का माहौल है।
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गौरतलब है कि फीस वृद्धी और तीन छात्रों के निष्कासन के विरोध में छात्रों का एक समूह दो जून से विश्वविद्यालय परिसर में सरस्वती प्रतिमा के सामने लगातार धरना दे रहा है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।




















