लखनऊ यूनिवर्सिटी में ड्रेस कोड के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, की जमकर नारेबाजी

ड्रेस कोड
लखनऊ विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन करते छात्र।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। हाल ही में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश के बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी में ड्रेस कोड का विरोध स्टूडेंट्स में देखने को मिला। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर और छात्र भवन चौराहे पर धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने ड्रेस कोड को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार पर हमला बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। उसके बाद सभी छात्र जमीन पर लेटकर विरोध जताने लगे, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें हटाया और अपने साथ ले गई। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों के नाम पर छात्रों का उत्पीड़न कर रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि ड्रेस कोड लागू कर छात्रों की स्वतंत्रता सीमित की जा रही है।

इस दौरान छात्रों ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम का एक ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें मांग की गई कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू किए गए ड्रेस कोड के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि अनुशासन का संबंध छात्रों के व्यवहार, शिक्षा और शैक्षणिक माहौल से होना चाहिए, न कि उनके पहनावे से छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय स्कूल नहीं हैं, जहां एक समान ड्रेस अनिवार्य की जाए।

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इस दौरान एक छात्र ने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन वास्तव में समानता लाना चाहते हैं तो शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर सुनिश्चित करें। देश में सामाजिक और शैक्षणिक असमानता अभी भी बनी हुई है। ऐसे में यूनिवर्सिटी में ड्रेस कोड लागू करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि एक छात्र पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक ड्रेस कोड में रहता है। क्या छात्र पूरी जिंदगी ड्रेस ही पहनता रहेगा? स्कूल में ड्रेस होता है, यूनिवर्सिटी में नहीं। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि ड्रेस कोड वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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