आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड में एक्शन जारी है। मंगलवार को चारों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। चारों में से तीन को जेल भेज दिया गया, जबकि मालिक वीरेंद्र शुक्ला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अतुल ने आरोपितों तुशांक कृष्ण जायसवाल, सुरेश कुमार साहू और राम कृष्णा उपाध्याय को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला किया। चौथे आरोपित वीरेंद्र शुक्ला को मंगलवार को अदालत में पेश नहीं किया गया। पुलिस ने इन चार आरोपितों को सोमवार देर रात गिरफ्तार किया था, जिनमें से तीन लोग इमारत के संयुक्त रूप से मालिक हैं। इस मामले में अलीगंज थाने में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दरअसल कि कोचिंग सेंटर अग्निकांड में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें इमारत का मालिक वीरेंद्र शुक्ला भी शामिल है। आज चारों आरोपितों को लखनऊ की एसीजेएम दो अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जबकि इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला को हृदय रोग के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इन गिरफ्तार आरोपित में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पशुओं की दुकान के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर के मालिक तुषांक जायसवाल और आईटी कंपनी के संचालक सुरेश साहू शामिल हैं। तुषांक जायसवाल उस एनिमेशन सेंटर के मालिक शामिल हैं।
यह भी पढ़ें- अलीगंज अग्निकांड पर बोले संजय सिंह, ध्वस्तीकरण आदेश के बाद भी बिल्डिंग बचाने वालों को जेल भेजे योगी सरकार
गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ के अलीगंज में सोमवार दोपहर एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल भी हो गए, जिनका लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चल रहा है। जब कोचिंग सेंटर में आग लगी उस वक्त वहां कई लोग और छात्र मौजूद थे। इनमें से कई ने इमारत की उपरी मंजिल से नीचे कूद कर जान बचा ली। वहीं दमकल कर्मी जब तक आग पर काबू पाते तब तक 15 जिंदगियां मौत के गाल में समा चुकी थीं, जबकि कई लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे।




















