आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच रविवार को यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को बसपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये दूसरी बार है जब अशोक सिद्धार्थ को निकाला गया है। पूर्व राज्यसभा सदस्य को अनुशासनहीनता और बसपा के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए निष्कासित किया गया है।
मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि अशोक सिद्धार्थ को तत्काल प्रभाव से बसपा से बाहर किया गया है और अब भविष्य में उन्हें किसी भी स्थिति में दोबारा बीएसपी में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर प्रदेश नेतृत्व के साथ तालमेल न रखने, अनुशासन हीनता और बसपा निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में अशोक सिद्धार्थ को पहले भी पार्टी से निकाला गया था। बाद में इस शर्त पर उन्हें दोबारा मौका दिया गया कि वो भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे।
ऐसे में यूपी में कहीं पर भी नहीं, बल्कि केवल दूसरे राज्यों में ही पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की जिम्मेदारी दी जायेगी, लेकिन उसके बाद जिन भी राज्यों की जिम्मेदारी बसपा कोआर्डिनेटर के रूप में उन्हें दी गयी वहां इन्होंने अपनी जिम्मेदारी को सही से नहीं निभाया। केवल कर्नाटक ही नहीं बल्कि उड़ीसा व पश्चिम बंगाल इन राज्यों से भी इनकी अनुशासनहीनता और बसपा के दिशा-निर्देश के उल्लंघन की खबरें लगातार आते रहने के कारण इनको बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भी इनमें सुधार नहीं आने की वजह से कल अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था।
यह भी पढ़ें- आकाश आनंद के बाद ससुर अशोक ने मायावती से मांगी माफी, बसपा में हुई वापसी
इसके बाद यूपी में इनके वापस लौटने की खबरें जानबूझकर पार्टी में भ्रम की स्थिति फैलाकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव के सघन अभियान को प्रभावित करने का षडयंत्र है। अतः पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अशोक सिद्धार्थ को आज तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और अब इन्हें पार्टी में आगे कतई भी वापिस नहीं लिया जायेगा।
रणधीर सिंह बेनीवाल भी निष्कासित
इसी तरह रणधीर सिंह बेनीवाल (निवासी जिला सहारनपुर) को बसपा कोआर्डिनेटर के रूप में पंजाब सहित हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कशमीर की भी कुछ ज़िम्मेदारी दी गयी थी। उनके विरुद्ध भी अनुशासन हीनता व पार्टी दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने की खबरें लगातार आती रही हैं और अब रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनजर आज इनको भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
इस जिम्मेदारी को निभाते…
मायावती ने आगे बताया कि कल बसपा संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर किये गये फेरबदल में रामजी गौतम, राज्यसभा सांसद को अन्य राज्यों के साथ ही पंजाब स्टेट का भी पुनः प्रभारी बनाया गया है, जो पंजाब के आगामी विधानसभा आमचुनाव तक ही नहीं बल्कि लोकसभा आमचुनाव तक भी अपनी इस जिम्मेदारी को निभाते रहेंगे। इतना ही नहीं बल्कि बीएसपी नेतृत्व का वर्तमान में यह नीतिगत फैसला है कि यूपी निवासी जो भी बसपा के वरिष्ठ पदाधिकारी व कोआर्डिनेटर आदि के रूप में यूपी के बाहर के राज्यों की अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं, उनमें से किसी को भी यूपी में पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी पर नहीं लगाया जायेगा।
यह भी पढ़ें- मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद को सभी पदों से हटाया, कहा मेरे जीते जी नहीं होगा कोई उत्तराधिकारी
शरारती व षडयंत्रकारी तत्वों से रहे सावधान
इस दौरान बसपा मुखिया ने लोगों को खास तौर से ये अपील है कि वे ऐसे सभी शरारती व षडयंत्रकारी तत्वों से पूरी तरह से जरूर सावधान रहें जो उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की अपनी बीएसपी सरकार बनाने के पूरे जिद के साथ लगे अभियान को किसी ना किसी बहाने से ध्यान भटकाने अर्थात् हानि पहुंचाने का प्रयास करते रहते हैं। वहीतथा मीडिया से भी विशेष अपील है कि वे ग़रीबों, दलितों, शोषितों, उपेक्षितों आदि की अम्बेडकरवादी पार्टी बीएसपी के विरुद्ध, विरोधी पार्टियों के षडयंत्र का हथियार बनने से अपने आपको ज़रूर बचायें अर्थात् मिथ्या एवं ग़लत तथ्यों को प्रचारित ना करें।




















