MLC चुनाव में सपा ने बदले दो प्रत्याशी, कमलेश यादव की जगह संजय त्रिपाठी को दिया मौका

अखिलेश यादव
प्रत्याशी के नाम की घोषणा करते अखिलेश यादव।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानपरिषद के एमएलसी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अचानक अपने दो उम्मीदवार बदल दिए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्त की जगह पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की है। दोनों बदलावों को अखिलेश यादव ने संबंधित नेताओं की सहमति से लिया गया फैसला बताया।

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अखिलेश यादव ने नए प्रत्याशियों का स्वागत करते हुए पहले घोषित उम्मीदवारों कमलेश यादव और प्रकाश चंद्र गुप्त, उनके परिवारों और समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि दोनों ने जिस तरह सपा के फैसले में सहयोग किया है, उसके लिए वह उनके हमेशा आभारी रहेंगे। अखिलेश ने ये भी कहा कि समय आने पर दोनों को उचित सम्मान दिया जाएगा। सपा ने इससे पहले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर कमलेश यादव और आगरा शिक्षक सीट पर प्रकाश चंद्र गुप्त को प्रत्याशी घोषित किया था। अब सपा ने दोनों सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारा है।

भाजपा ने गलत तरीके से बनवाए वोट

उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान सपा मुखिया ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने गलत तरीके से वोट बनवाए हैं। साथ ही उन्होंने पिछले दस सालों के शासन, प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने गोरखपुर में सड़क पर पानी भरे होने का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले व्यक्ति के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने का दावा किया। जबकि संतकबीरनगर में एक पहलवान की हत्या का जिक्र कर कहा कि प्रदेश में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। साथ ही पुलिस व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था खराब हो चुकी है।

पेपर लीक की बढ़ीं घटनाएं

सपा अध्यक्ष ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को भी आगामी चुनावों के प्रमुख मुद्दों में शामिल करने के संकेत दिए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ीं और सरकारी नौकरियों में भेदभाव हुआ। अखिलेश यादव ने कहा कि तदर्थ शिक्षक, वित्तविहीन शिक्षक, शिक्षामित्र और पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दों को समाजवादी पार्टी अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी। शिक्षकों के साथ भेदभाव बड़ा सवाल है और सपा इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

पीडीए के सामने टिक नहीं पाएगी भाजपा

पूर्व सीएम ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीबों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। अखिलेश यादव ने सपा के पीडीए-पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक-सामाजिक गठजोड़ को भी चुनावी विमर्श के केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने इंडिया ब्लॉक के साथ भाजपा को हराया था और आगामी चुनाव में पीडीए की ताकत के सामने भाजपा टिक नहीं पाएगी।

23 अक्टूबर को होगी वोटिंग

23 अक्टूबर को इन सीटों समेत विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए मतदान होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। अखिलेश यादव ने कहा कि दोनों अनुभवी नेताओं के आने से पार्टी को चुनाव में मजबूती मिलेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नए प्रत्याशियों के साथ पूरी ताकत से जुटने और पार्टी के सभी उम्मीदवारों को जिताने की अपील की।

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