कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने CM योगी को लिखा लेटर, की राम मंदिर चढ़ावा चोरी-भ्रष्टाचार की जांच की मांग

अजय राय
अजय राय। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी व अन्य अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेटर लिखा है। जिसमें कांग्रेस नेता ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे, दान, भूमि क्रय और निर्माण कार्यों में वित्तीय भ्रष्टाचार अनियमितताओं की स्वतंत्र, वैज्ञानिक और सक्षम एजेंसियों से फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।

नेहरू भवन स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जारी लेटर में अजय राय ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का केंद्र है। लगभग दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित इस मंदिर का निर्माण देश-विदेश के श्रद्धालुओं के दान से हुआ है। ऐसे में मंदिर से जुड़ा प्रत्येक आर्थिक लेन-देन पूर्ण पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास के साथ होना चाहिए।

अजय राय ने लेटर में उल्लेख किया कि मंदिर में प्राप्त नकद चढ़ावे और पूर्व में दान की गई बहुमूल्य वस्तुओं के संबंध में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद राज्य सरकार द्वारा एसआईटी गठित कर प्राथमिकी दर्ज की गई और कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन जांच के दौरान सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सीमित मिलीं और पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सके। यदि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संरक्षण समयबद्ध तरीके से नहीं हुआ तो यह अपने आप में बेहद गंभीर सवाल है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने 2021 में मंदिर परिसर के विकास के लिए हुई भूमि खरीद में कथित मूल्य वृद्धि का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि सार्वजनिक दस्तावेजों के अनुसार कुछ जमीनें कम समय में कई गुना बढ़े हुए दाम पर ट्रस्ट को बेची गईं। निर्माण कार्यों में कमीशन खोरी के आरोप भी लगे थे, लेकिन उनकी स्वतंत्र जांच नहीं हुई। अब फिर वित्तीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठने के बाद उन सभी पुराने आरोपों की समग्र जांच जरूरी है। अजय राय ने मांग की कि स्थापना दिवस से अब तक प्राप्त नकद चढ़ावा, डिजिटल दान, स्वर्ण, रजत और अन्य बहुमूल्य दान का स्वतंत्र लेखा परीक्षण और भौतिक सत्यापन कराया जाए।

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दान से लेकर बैंक जमा तक के पूरे धन प्रवाह, सभी बैंक खातों, लेखा-पुस्तकों, ऑडिट रिपोर्ट, स्टॉक रजिस्टर और डिजिटल अभिलेखों का फोरेंसिक विश्लेषण हो। साथ ही निर्माण से जुड़ी निविदाओं, अनुबंधों, मापन पुस्तिकाओं और सामग्री खरीद के रिकॉर्ड की भी जांच हो। भूमि क्रय में वास्तविक बाजार मूल्य, स्टाम्प मूल्य, भुगतान स्रोत और आयकर अभिलेखों की पड़ताल की जाए। यदि कहीं मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिलें तो सक्षम एजेंसियां तुरंत कार्रवाई करें।

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