अब बंगाल TMC चीफ चंद्रिमा भट्टाचार्य ने छोड़ा ममता का साथ, दिया सभी पदों से इस्तीफा

टीएमसी

आरयू वेब टीम। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद बिखराव से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को शनिवार को एक और झटका लगा। टीएमसी की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व वरिष्ठ मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ते हुए टीएमसी के सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक पत्र भेजकर सूचित किया है कि वह प्रदेश अध्यक्ष के दायित्व से तत्काल प्रभाव से मुक्त हो रही हैं।

चंद्रिमा ने न केवल अध्यक्ष पद छोड़ा है, बल्कि पार्टी के सभी सांगठनिक पदों, बैंक खातों के आधिकारिक हस्ताक्षरकर्ता  के अधिकार और चुनाव आयोग के समक्ष ममता बनर्जी के अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर भी अपनी दावेदारी वापस ले ली है। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने इस्तीफे में कहा कि वह तीन जून 2026 को कालीघाट में हुई बैठक में उन्हें सौंपे गए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रही हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी में वर्तमान में संभाल रहे सभी अन्य पदों से भी त्यागपत्र देने की घोषणा की।

अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और उससे जुड़े अन्य संगठनों के विभिन्न बैंकों में संचालित खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (ऑथराइज्ड सिग्नेटरी) के रूप में अपनी जिम्मेदारी भी वापस ले रही हैं।चंद्रिमा ने यह भी कहा कि वह अब ममता बनर्जी की ओर से भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष ऑथराइज्ड पर्सन के रूप में भी कार्य नहीं करेंगी। उन्होंने पत्र में इस संबंध में अपनी सहमति वापस लेने की बात कही है। हालांकि चंद्रिमा ने अपने इस्तीफे में किसी भी कारण का जिक्र नहीं किया है। उनके अचानक सभी पदों से हटने के फैसले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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गौरतलब है कि चंद्रिमा भट्टाचार्य को ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है। ऐसे में उनका सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। दरअसल पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन और टूट के बाद ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी में बड़ा फेरबदल किया था। पांच जून को ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में अनुभवी नेता सुब्रता बख्शी को हटाकर चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल टीएमसी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

80 में 58 विधायक छोड़ चुके टीएमसी

विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के 80 में से 58 विधायक पहले ही पाला बदलकर रीतब्रत बनर्जी के बागी धड़े में शामिल हो चुके हैं। ममता बनर्जी की बेहद करीबी चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस तरह पूरी तरह से सांगठनिक सांगठों से पीछे हट जाना इस बात का संकेत है कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और अस्तित्व की जंग गंभीर मोड़ पर पहुंच चुकी है।

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